
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में शनिवार को आईटीआई प्रांगण में शैक्षिक संगोष्ठी एवं जिला सम्मेलन हुआ। इस दौरान प्रधानाचार्यों के मेहनत और कार्य पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सम्मेलन में जनपद भर से आए सैकड़ों शिक्षाविदों और प्रधानाचार्यों ने भाग लिया और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक चुनौतियों व शिक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष एवं सदस्य शिक्षा सेवा चयन आयोग डॉ. हरेंद्र राय ने प्रधानाचार्यों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानाचार्य किसी भी विद्यालय की रीढ़ होते हैं। शिक्षा सेवा चयन आयोग पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के विद्यालयों को श्रेष्ठ और योग्य शिक्षक प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
परिषद के महामंत्री सुखपाल सिंह तोमर ने प्रधानाचार्यों की विभिन्न समस्याओं, सेवा संबंधी विषयों और पदोन्नति के मुद्दों को प्रमुखता से पटल पर रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य संरक्षक देव कृष्ण शर्मा ने सभी प्रधानाचार्यों से एकजुट होकर शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया। इस दोरान जिला अध्यक्ष डॉ. कैप्टन प्रवीण चौधरी ने कहा कि एक सशक्त और दूरदर्शी प्रधानाचार्य ही विद्यालय परिसर में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि परिषद प्रधानाचार्यों के मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव अग्रणी भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव यतेंद्र कुमार धीर, कोषाध्यक्ष डॉ. नीलेश वशिष्ठ, सहसचिव अजय कुमार राठी, सहकोषाध्यक्ष नितिश अहलावत और प्रधानाचार्या, किरण देवी, डॉ. सविता सिंह आदि प्रधानाचार्यों का योगदान रहा।
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