
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। पैरों की लाचारी अब जिले की दिव्यांग बेटियों की पढ़ाई और सुनहरे भविष्य के आड़े नहीं आएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की नई नियमावली के तहत अब स्कूल, कॉलेज जाने वाली और तकनीकी व शिक्षण प्रशिक्षण ले रही दिव्यांग छात्राओं को मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल दी जाएगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी दीक्षा उपाध्याय ने बताया कि जिले की सभी पात्र छात्राओं को इस योजना का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया है।


इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सरकार प्रति ई-ट्राईसाइकिल अधिकतम ₹65,000 तक की भारी-भरकम अनुदान राशि सीधे मुहैया कराएगी। योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है।

कौन होगा पात्र? जानिए सरकार की शर्तें:
दिव्यांगता और उम्र: छात्रा उत्तर प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी उम्र 16 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) द्वारा दिव्यांगता प्रमाणित होना अनिवार्य है।
आय की शर्त: दिव्यांग छात्रा या उसका परिवार आयकर दाता (Income Tax Payee) नहीं होना चाहिए।
किसे मिलेगी प्राथमिकता: योजना में सबसे पहला हक गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाली छात्राओं का होगा। इसके बाद बजट और लक्ष्य शेष रहने पर दिव्यांगता के घटते क्रम तथा आय के बढ़ते क्रम में अन्य छात्राओं को मौका मिलेगा।
5 साल का नियम: इस योजना के तहत एक लाभार्थी को 5 साल में केवल एक बार ही ई-ट्राईसाइकिल की सुविधा दी जाएगी।
विकास भवन में करें संपर्क
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो भी दिव्यांग छात्राएं इस योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, वे तत्काल इसकी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करें। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी, जरूरी दस्तावेज या तकनीकी समस्या के समाधान के लिए छात्राएं या उनके परिजन किसी भी कार्यदिवस में विकास भवन स्थित ‘कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, मुजफ्फरनगर’ में सीधे संपर्क कर सकते हैं।












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