
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर इस बार मुजफ्फरनगर शहर के ऐतिहासिक नुमाइश ग्राउंड में एक अनोखा और आकर्षक दृश्य देखने को मिलेगा। वर्षो से चली आ रही परंपरा के अनुसार जहां रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के साथ चौथा पुतला ‘आतंकवाद’ का बनाया जाता था, वहीं इस बार आयोजकों ने एक बड़ा बदलाव करते हुए चौथे पुतले के रूप में ‘कॉकरोच’ का विशाल पुतला तैयार किया है।
नुमाइश ग्राउंड में दशहरा मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कारीगरों द्वारा रावण के पुतलों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। हालांकि, इस बार मैदान में स्थापित चौथे ‘कॉकरोच’ के पुतले ने सभी शहरवासियों और श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में श्रीराम सेवा दल गणेशपुरम दल के आयोजकों के द्वारा रावण दहन होता है।कॉकरोच का पुतला समाज में व्याप्त छिपी हुई गंदगी, अनैतिकता, भ्रष्टाचार, बीमारियों और नफरत रूपी प्रवृत्तियों का प्रतीक है। जिस प्रकार कॉकरोच अंधेरे और गंदगी में पनपता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, उसी तरह समाज की ये बुराइयां भी मानवीय मूल्यों को नुकसान पहुंचाती हैं। इस अनूठे पुतले के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि बाहरी रावण के साथ-साथ समाज और अंतर्मन की इन छिपी हुई बुराइयों का दहन करना भी अत्यंत आवश्यक है।
विजयादशमी की शाम नुमाइश ग्राउंड में भव्य आतिशबाजी और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच श्रीराम द्वारा इन सभी पुतलों का दहन किया जाएगा। इस अनोखे प्रयोग को देखने के लिए शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
Post Views: 129












Total views : 438969