
शुकदेव आश्रम में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ अनुष्ठान
परिजनों ने स्वामी कल्याणदेव की समाधि पर टेका माथा, वटवृक्ष की परिक्रमा की
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी शुकतीर्थ स्थित प्राचीन शुकदेव आश्रम के प्रत्यक्षानंद भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और वर्चुअली पोथी पूजन में भाग लिया। आश्रम में मौजूद उनके परिजनों ने कथा के मर्म को समझा और धर्म, निष्काम कर्म व मोक्ष के संदेश को ग्रहण किया।


वीडियो कॉल पर ज्ञानेश कुमार ने किया पोथी पूजन
श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई एवं आईआरएस अधिकारी मनीष कुमार ने कथा स्थल से सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से ज्ञानेश कुमार को जोड़ा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने वीडियो कॉल के जरिए ही व्यास पीठ का नमन किया और पूरे विधि-विधान के साथ पोथी पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने उन्हें सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित मोक्ष और भागवत सार का संगीतमय वर्णन सुनाया।

कथा स्थल पर मौजूद रहा मुख्य चुनाव आयुक्त का परिवार
आयोजन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पूरा परिवार शुकतीर्थ आश्रम में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहा। कथा में उनके पिता डॉ. सुबोध गुप्ता, माता सत्यवती, पत्नी अनुराधा गुप्ता, पुत्र अर्णव आनंद, आईआरएस भाई मनीष कुमार सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने बैठकर कथा श्रवण की। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और शुकतीर्थ की पावन धरा के प्रति परिवार की प्रगाढ़ आस्था स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
समाधि मंदिर के दर्शन कर वटवृक्ष की लगाई परिक्रमा
कथा समापन के उपरांत परिवार के सदस्यों ने शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सभी सदस्य शिक्षा ऋषि के रूप में विख्यात ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणदेव महाराज के समाधि मंदिर पहुंचे और वहां श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धालुओं ने आश्रम परिसर में स्थित अति प्राचीन वटवृक्ष की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान आश्रम के ट्रस्टी ओमदत्त देव भी उपस्थित रहे।
गोपनीय रहा आयोजन, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
मुख्य चुनाव आयुक्त के परिवार का यह दौरा और धार्मिक आयोजन प्रशासनिक स्तर पर बेहद गोपनीय रखा गया था। शुकतीर्थ में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। आश्रम के प्रवेश द्वारों पर महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। आयोजन के दौरान मुजफ्फरनगर के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विभिन्न राज्यों में तैनात कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का भी आश्रम में जमावड़ा बना रहा।











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