
छत्तीसगढ़ का आरोपी ठग बलवंत के बैंक खातों से हुआ चौंकाने वाला खुलासा
देशभर में 38 करोड़ से अधिक की ठगी के सुराग, ₹24.71 लाख फ्रीज
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: सोशल मीडिया पर दोस्ती की आड़ में करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने एक और शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक पीड़ित से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर कुल ₹1,01,02,000/- (एक करोड़ एक लाख दो हजार रुपये) की भारी-भरकम राशि हड़प ली थी।


‘गीतिका कपूर उर्फ जीजी’ बनकर जाल में फंसाया
उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराधियों के धरपकड़ अभियान के तहत, एसएसपी संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा एसपी अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ व क्षेत्राधिकारी अपराध रविन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह की टीम ने इस शातिर ठग को सलाखों के पीछे भेजा है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़ित को कुछ समय पहले फेसबुक पर ‘गीतिका कपूर उर्फ जीजी’ नाम की एक प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोस्ती होने के बाद आरोपी महिला ने भावनात्मक संबंध और गहरा विश्वास बना लिया। इसके बाद पीड़ित को मोटी कमाई का लालच देकर ‘DGXC’ नामक एक फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।

करोड़ों का फर्जी मुनाफा दिखाकर ऐंठे पैसे
पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए जालसाजों ने व्हाट्सएप ग्रुपों में नकली स्क्रीनशॉट और फर्जी लाभ के आंकड़े दिखाए। झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग तिथियों में आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1,01,02,000/- जमा करा दिए। वेबसाइट के डैशबोर्ड पर पीड़ित को करोड़ों रुपये का मुनाफा दिखाई दे रहा था, लेकिन जब उसने धन निकासी का प्रयास किया, तो आरोपियों ने ‘फाइनल वेरिफिकेशन’, ‘डेटा रिपेयरिंग’ और ‘एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस’ के नाम पर और पैसों की मांग करते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
छत्तीसगढ़ से हुई गिरफ्तारी, पहले भी तीन जा चुके हैं जेल
साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी बलवन्त जायसवाल पुत्र सुभाषचन्द्र जायसवाल (निवासी पन्डरी, थाना रघुनाथनगर, जिला बलरामपुर रामानुजगंज, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल १ मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस इस मामले में पूर्व में भी ३ आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जिनसे भारी मात्रा में लैपटॉप, चेकबुक, एटीएम कार्ड और नकद बरामद हुए थे।
बैंक खातों ने खोले होश उड़ाने वाले राज (देशभर में फैला जाल)
गिरफ्तार आरोपी बलवंत जायसवाल के बैंक खातों की जब पुलिस ने कुंडली खंगाली, तो जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं। आरोपी के खातों पर विभिन्न राज्यों से करोड़ों के फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं।
सेन्ट्रल बैंक खाता: विभिन्न प्रदेशों से 12 शिकायतें दर्ज, जिनमें ₹8.42 करोड़ की धोखाधड़ी पाई गई।
IDBI बैंक खाता: 5 शिकायतें दर्ज, जिनमें ₹24.71 लाख की ठगी का लिंक मिला।
AXIS बैंक खाता: सबसे बड़ा फ्रॉड इसी खाते से हुआ, जिस पर विभिन्न राज्यों से 36 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। इस खाते के जरिए करीब ₹29.11 करोड़ की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
पीड़ित के ₹24.71 लाख कराए गए फ्रीज
मुजफ्फरनगर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई कुल धनराशि में से ₹24,71,000/- (चौबीस लाख इकहत्तर हजार रुपये) को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड/फ्रीज करवा दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस राशि को वापस पीड़ित के खाते में ट्रांसफर कराने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।











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