
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदाकर्मियों की अनुपस्थिति और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुजफ्फरनगर की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों में संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
जारी पत्र के अनुसार में मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के 8 अक्टूबर 2026 के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि आम जनता को आवश्यक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। चिकित्सा सेवाओं की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और अपने दायित्वों का निर्वहन आवश्यक है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी संविदाकर्मी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। हालांकि, गंभीर बीमारी की स्थिति में नियमानुसार छूट का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा 9 अक्टूबर 2026 के मिशन निदेशक के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यदि कोई संविदाकर्मी लगातार दो कार्यदिवस तक अपने कार्यस्थल पर वापस नहीं आता है, तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मानव संसाधन नियमों और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी संस्तुति जिला स्वास्थ्य समिति को भेजी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, मुख्यालय से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की प्रतिदिन की सूचना जिला कार्यक्रम प्रबंधक और जिला लेखा प्रबंधक को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की नियमितता बनाए रखना और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराना है।
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