
मुजफ्फरनगर। जनपद में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से आज, बुधवार (27 मई 2026) को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने औषधि भंडारण एवं उपलब्धता व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सीएमएसडी (CMSD) स्टोर तथा बामनहेरी स्थित केंद्रीय ड्रग वेयरहाउस का सघन दौरा कर व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के मुख्य एजेंडे में जीवनरक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता, उनके सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था, एक्सपायरी डेट, स्टॉक रजिस्टर का रखरखाव और वितरण व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण कड़ियों का गहनता से परीक्षण करना शामिल रहा, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य लाभ मिलने में कोई असुविधा न हो।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने सबसे पहले जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित सीएमएसडी स्टोर का रुख किया। यहाँ उन्होंने विभिन्न प्रकार की अति-आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं के स्टॉक की भौतिक स्थिति देखी और रिकॉर्ड संधारण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट व संबंधित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले किसी भी गरीब मरीज को दवाइयों की कमी के कारण बाहर न जाना पड़े। दवाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। सीएमओ ने विशेष रूप से दवाओं की एक्सपायरी डेट चेक कराई और निर्देश दिए कि जो दवाएं एक्सपायर होने वाली हों, उन्हें समय से पहले मुख्य स्टॉक से अलग कर नियमानुसार निस्तारण की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्टोर रूम में साफ-सफाई, उचित तापमान नियंत्रण और दवाओं को सुरक्षित रखने के मानकों को भी जांचा।

इसके पश्चात, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बामनहेरी स्थित केंद्रीय ड्रग वेयरहाउस का विस्तृत निरीक्षण किया, जो कि पूरे जनपद के ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सालयों में दवाओं की आपूर्ति की मुख्य लाइफलाइन है। यहाँ उन्होंने दवाओं के थोक स्टॉक, वितरण प्रणाली और सुचारू लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को देखा। उन्होंने वेयरहाउस प्रभारी को निर्देश दिए कि जनपद की सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य इकाइयों (PHC/CHC) तक मांग के अनुरूप समय पर और पर्याप्त मात्रा में दवाओं की खेप भेजी जाए। डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दवाओं का पारदर्शी स्टॉक प्रबंधन और उनकी निर्बाध उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से इन भंडारों का औचक निरीक्षण करने तथा सभी व्यवस्थाओं को शासन के मानकों के अनुरूप बनाए रखने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कई संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।












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