
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग के मुजफ्फरनगर कार्यालय में लखनऊ से आई ऑडिट टीम ने अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। लखनऊ से पहुंचे अधिकारियों ने विभाग में तैनात लेखाकारों से वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हुए कुल खर्चों का लेखा-जोखा तलब किया है, हालांकि विभाग ने अभी आडिट टीम को पूर्ण दस्तावेज व बिल उपलब्ध नहीं कराए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय से लेकर स्कूलों में विभागीय खर्च का हिसाब लेने लखनऊ से आडिट टीम बीएसए कार्यालय पहुंची है, जिसमें राहुल सिंह, आरपी सिंह व सीपी श्रीवास्तव शामिल है। जांच के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में पेन, स्टेशनरी, मेज-कुर्सी की खरीद सहित अन्य दैनिक कार्यों में खर्च हुई धनराशि का बिलों और आवंटन से गहनता से मिलान किया जा रहा है। सामान की गुणवत्ता भी देखने के लिए टीम ने तैयारी की है। इसके अतिरिक्त, ऑडिट टीम ने जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए जारी हुई बजट धनराशि और उसके सापेक्ष हुए खर्चों के बिलों को भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आडिट अधिकारियों ने पहले दिन ऑडिट अधिकारियों की बीएसए से मुलाकात देर से हुई, क्योंकि वह दोपहर बाद ही कार्यालय पहुंच सके थे। जांच के शुरुआती चरण में कई बिलों को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा विभाग की ओर से अभी तक पूरा डेटा टीम को उपलब्ध नहीं कराया गया है। आडिट टीम अधिकारियों का कहना है कि डेटा और बिलों के विस्तृत सत्यापन में समय लगेगा, जिसके कारण यह ऑडिट प्रक्रिया अभी कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।
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