
व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर फिक्स होता था ‘रेट’, पुलिस ने बोगस ग्राहक भेजकर बिछाया जाल
लोकपथ लाइव, मेरठ। जनपद की पुलिस ने देह व्यापार के एक बड़े और संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मेरठ पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर एक स्थानीय होटल में छापेमारी करते हुए ‘होटल’ की आड़ में धड़ल्ले से चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से मुख्य सरगना व होटल संचालक मुजफ्फररनग निवासी रिहान समेत 4 ग्राहकों और 5 युवतियों को हिरासत में लिया है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।


पुलिस के अनुसार पिछले कुछ दिनों से स्थानीय पुलिस को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से इस होटल के भीतर संदिग्ध अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की गोपनीय शिकायतें मिली। पुलिस प्रशासन ने होटल के भीतर देह व्यापार धंधा चलने की पुख्ता और सटीक जानकारी मिलते ही टीपी नगर थाना पुलिस और महिला पुलिस कर्मियों की भारी टीम को साथ लेकर अचानक होटल परिसर में छापेमारी कर दी। पुलिस के अचानक भीतर घुसते ही होटल स्टाफ और कमरों में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में टीपी नगर थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-58 पर स्थित एक होटल में चल रहे हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से होटल मैनेजर, एक दलाल और दो ग्राहकों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया

व्हाट्सएप पर ‘कैटलॉग’ दिखाकर तय होता था सौदा
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अनैतिक धंधे को चलाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा था। मुख्य आरोपी रिहान ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करता था। वह ग्राहकों के मोबाइल पर युवतियों की तस्वीरें भेजता था। तस्वीरें पसंद आने के बाद व्हाट्सएप चैट या कॉल पर ही रेट फिक्स किए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, रिहान मात्र 1,200 रुपये में ग्राहकों को लड़कियां उपलब्ध करा रहा था, जिसमें होटल के कमरे का किराया भी शामिल था। दूर-दराज से युवतियों को बहला-फुसलाकर या पैसों का लालच देकर इस दलदल में धकेला गया था।
पुलिस ने ‘बोगस ग्राहक’ बनाकर बिछाया जाल
इस रैकेट के बारे में स्थानीय पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार गुप्त शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस ने रैकेट को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया और एक पुलिसकर्मी को ‘बोगस ग्राहक’ (फर्जी ग्राहक) बनाकर होटल संचालक रिहान से व्हाट्सएप पर संपर्क कराया। जैसे ही सौदा तय हुआ और बोगस ग्राहक होटल पहुंचा, इशारा मिलते ही बाहर मुस्तैद पुलिस टीम ने होटल की घेराबंदी कर अचानक धावा बोल दिया।
कमरों में मची अफरा-तफरी, संगीन धाराओं में केस दर्ज
अचानक हुई इस छापेमारी से होटल के भीतर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब कमरों की तलाशी ली, तो वहां से 5 युवतियों और 4 ग्राहकों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, नकदी और डिजिटल सबूत (मोबाइल फोन) जब्त किए गए हैं। पुलिस ने कमरों के भीतर से तीन महिलाओं को बंधक जैसी स्थिति से मुक्त कराया। वहीं दो ग्राहकों को रंगे हाथों दबोच लिया गया। पुलिस ने मौके से होटल मैनेजर प्रिंस और उसके साथी अंकुर को भी हिरासत में ले लिया, जो यहां मुख्य रूप से दलाल (एजेंट) का काम करता था। होटल के कमरों की तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, शक्तिवर्धक दवाइयां/गोलियां बरामद हुई हैं, जो इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि यहां लंबे समय से अनैतिक देह व्यापार का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा था। पुलिस के अनुसार होटल की आड़ में अनैतिक देह व्यापार का धंधा संचालित किया जा रहा था। होटल संचालक रिहान और आए हुए ग्राहकों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। होटल को सीज करने की वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
चौंकाने वाले हुए खुलासे
टीपी नगर थाना प्रभारी अरुण मिश्रा ने बताया कि होटल से रेस्क्यू कर मुक्त कराई गई तीनों पीड़ित महिलाएं असम, पश्चिम बंगाल और देश की राजधानी से सटे लखनऊ की रहने वाली हैं। पूछताछ में पीड़ित महिलाओं ने रोते हुए बताया कि उन्हें यहां किसी अच्छी नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया था, लेकिन यहां लाकर उन्हें जबरन इस गंदे दलदल में धकेल दिया गया। पुलिस ने तीनों पीड़ित महिलाओं के परिजनों से तुरंत संपर्क कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें महिला थाना पुलिस की सुरक्षित सुपुर्दगी में भेज दिया गया है। परिजनों के मेरठ पहुंचते ही उन्हें घर भेज दिया जाएगा।











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