
वरुण भारद्वाज को सचिव की कमान; टेंडर विवाद की जांच शुरू
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े स्कूली शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और चौंकाने वाला प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन (प्रमुख) नियुक्त किया है। इसके साथ ही वरुण भारद्वाज को बोर्ड के नए सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बड़े फेरबदल को लेकर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।


तत्काल प्रभाव से संभालेंगे कार्यभार
नवनियुक्त चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम को शिक्षा प्रशासन, प्रबंधन और नीति निर्माण के क्षेत्र में काम करने का लंबा और बेदाग अनुभव है। सरकारी आदेश के अनुसार, वह तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण करेंगे। देश और विदेश के हजारों स्कूलों की संबद्धता वाले इस शीर्ष बोर्ड में उनके आने से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), डिजिटल लर्निंग और परीक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है।

टेंडर मामले की जांच के लिए बैठी कमेटी
इस हाई-प्रोफाइल नियुक्ति के पीछे एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीधे निर्देश के बाद सीबीएसई के निवर्तमान अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई ओएसएम (OSM) से जुड़े एक टेंडर मामले में सामने आई अनियमितताओं के बाद की गई है। सरकार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस जांच कमेटी का जिम्मा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी एस. राधा चौहान को सौंपा गया है। उन्हें टेंडर आवंटन से जुड़ी सभी फाइलों और प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच कर एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कुछ और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।











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