
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। पेपर मिलों में आरडीएफ के ईधन के रूप में उपयोग एवं उसके परिवहन को लेकर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण में करने के लिए डीएम के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जौली रोड, भोपा रोड और मेरठ रोड स्थित आरडीएफ उपयोग करने वाली पेपर इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मिली कमियों के आधार पर चार पेपर मिलों के बायरल सील किए तथा दो के ट्रामल प्लांट भी सील कर संचालन बंद कराया गया।
चार के बायरल व दो की ट्रामल प्लांट भी सील हुए
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा, सहायक पर्यावरण अभियंता कुंवर संतोष, सम्भागीय परिवहन अधिकारी तथा नगर पालिका परिषद के टैक्स कलेक्टर की संयुक्त टीम भोपा रोड स्थित स्थित शाकुम्बरी पेपर, मेरठ रोड स्थित एरिस्टो क्राफ्ट पेपर, गैलेक्सी पेपर एवं कृष्णांचल पेपर मिल का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची। जांच के दौरान शाकुम्बरी पेपर एवं एरिस्टो पेपर मिल में आरडीएफ प्रोसेसिंग के लिए स्थापित ट्रॉमल प्लांट को प्रदूषण फैलाने पर सील कर दिया गया। वहीं गैलेक्सी पेपर और कृष्णांचल पेपर में वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित न पाए जाने पर उनके आरडीएफ बॉयलरों को सील करते हुए आरडीएफ के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी गई। वहीं संचालन रोका गया।
आगे भी जारी रहेगी सीलिंग की कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ गीतेश चंद्रा ने बताया कि यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं करने पर हुई है। भविष्य में भी ऐसी इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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