
लोकपथ लाइव, नोएडा। नोएड़ा सेक्टर-134 स्थित जेपी विश टाउन (कॉसमॉस क्लस्टर बी-43) के निवासियों ने सुरक्षा इंफ्रा लिमिटेड द्वारा मेंटिनेंस शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रेजिडेंट्स का आरोप है कि डेवलपर ने बिना किसी वैध समझौते के मनमाने तरीके से शुल्क को 2 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 3.89 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया है, जो लगभग 94.5 प्रतिशत की वृद्धि है। निवासियों का कहना है कि 1 मई से लागू होने वाले इस फरमान के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का गलत सहारा लिया जा रहा है।


कानूनी प्रावधानों की अनदेखी का आरोप: सोसाइटी के निवासियों का तर्क है कि यह बढ़ोतरी एनसीएलटी (NCLT) के रेजोल्यूशन प्लान (क्लॉज 22.9) और रेरा (RERA) कानून की धाराओं का सीधा उल्लंघन है। रेजिडेंट्स का कहना है कि सुरक्षा एआरसी द्वारा बिना किसी “मेंटेनेंस एग्रीमेंट” के की गई यह बढ़ोतरी पूरी तरह से अनुचित है। इसके अलावा, निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्हें सेवाएं बंद करने की धमकी दी जा रही है, जो कि ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ की श्रेणी में आता है। क्लस्टर बी-43 के निवासियों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य क्लस्टर्स की तुलना में उनसे अधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि यहां अभी भी 21 टावर अधूरे पड़े हैं।

सीईओ ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश: इस मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते हुए सोसाइटी के निवासी और वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सोनी, प्रोफेसर डॉ. आरएस राय सहित अन्य रेजिडेंट्स ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश से मुलाकात की। निवासियों ने प्राधिकरण से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए सीईओ ने तुरंत संज्ञान लिया और एक वरिष्ठ अधिकारी को इस विवाद का समाधान करने के निर्देश दिए है। सोसाइटी के निवासियों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए नोएडा प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया है। अब निवासियों की मांग है कि जब तक कोई वैध समझौता और ऑडिट न हो जाए, तब तक बढ़ी हुई दरें लागू न की जाएं।












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