
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के अंशकालिक अनुदेशकों के लिए रविवार का दिन एक ऐतिहासिक रहा। लखनऊ के लोक भवन सभागार में सीएम की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का मुजफ्फरनगर में भी सजीव प्रसारण दिखाया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सभागार में अंशकालिक अनुदेशक सम्मान एवं मानदेय वितरण समारोह कार्यक्रम में 250 अंशकालिक अनुदेशकों व शिक्षकों को नई सैलरी के चैक वितरित किए गए।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, डीएम उमेश मिश्रा, सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, नगर मजिस्ट्रेट पंकज सिंह राठौड़, बीएसए संदीप कुमार आदि ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों सहित 108 अनुदेशक व भारी संख्या में शिक्षकों सहित कुल 250 लोगों ने प्रतिभाग किया। सभी ने लखनऊ से प्रसारित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सजीव प्रसारण देखा, जिसमें अनुदेशकों की सेवाओं की सराहना करते हुए 1 अप्रैल 2026 से उनके मानदेय को 9,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 17000 रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अनुदेशकों को तीन और बड़े तोहफे देने की घोषणा की, जिसमें पांच लाख की कैशलेस चिकित्सा अनुदेशकों और उनके परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई, जिसके लिए तत्काल पंजीकरण के निर्देश दिए गए। वहीं 6 माह का सवेतन मातृत्व अवकाश, स्वेच्छानुसार ट्रांसफर की घोषणा हुई।
इसके बाद कैबिनेट मंत्री श्री अनिल कुमार ने अनुदेशकों को बधाई देते हुए कहा कि 9,000 रुपये का मानदेय आज के समय में पर्याप्त नहीं था, जिसे मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता से स्वीकार किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी, डीएम उमेश मिश्रा व सीडीओ द्वारा परिषदीय विद्यालयों के अंशकालिक अनुदेशकों को 17,000 रुपये की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक और सम्मान पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला समन्वयक सुशील कुमार का विशेष योगदान रहा।
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