
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिले में प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से रोकने के लिए 13 हॉटस्पॉट (सबसे अधिक प्रदूषित इलाकों) को चिह्नित किया गया है, जहाँ विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इन 13 इलाकों को बनाया गया है हॉटस्पॉट
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार गाजियाबाद के निम्नलिखित 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील माना गया है। इसमें साहिबाबाद, मोहननगर, राजनगर एक्सटेंशन, लोनी, भोपुरा-लोनी बार्डर, सिद्धार्थ विहार, कनावनी पुस्ता रोड, विजयनगर, साउथ साइट जीडी रोड, लालकुआं, इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली शामिल है।
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में प्रदूषण के मुख्य कारण
इन इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ने के पीछे प्रशासन ने निम्नलिखित प्रमुख कारणों को जिम्मेदार माना है।
-
सड़कों पर उड़ती धूल और कच्ची सड़कें
-
वाहनों का अत्यधिक दबाव (Traffic Pressure)
-
बड़े पैमाने पर निर्माण और ध्वस्तीकरण (Construction & Demolition) कार्य
-
औद्योगिक उत्सर्जन (Industrial Emission) और अवैध औद्योगिक क्षेत्र
-
खुले में पड़ी निर्माण सामग्री
ग्रेप के पहले चरण (GRAP Stage-1) की पाबंदियां
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जिले में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण की पाबंदियां सख्ती से लागू कर दी गई हैं, जिसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
-
निर्माण कार्यों और ध्वस्तीकरण के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकना।
-
कचरा और कूड़ा-कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक।
-
सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव के जरिए उड़ती धूल को नियंत्रित करना।
-
ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंट व फैक्ट्रियों में कोयला व लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गाजियाबाद अंकित सिंह का कहना है कि प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन 13 हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि गाजियाबाद की हवा को जहरीली होने से बचाया जा सके। इसके लिए टीमें बनाई जा रही है, जो दिन और रात मानिटरिंग कर कार्रवाई करेगी।
Post Views: 67












Total views : 441254