
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। बिगड़ी सेहत के पीछे बाजारों में मिलावट बड़ा कारण है। नए वित्त वर्ष में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान और अधिक तेज किया है। मुजफ्फरनगर खाद्य सुरक्षा विभाग में तैनात निरीक्षकों ने मई महीने में 260 खाद्य सामग्री के नमूने भरे, जिसमें से 54 नमूने की जांच रिपोर्ट सामने आई। इसमें भी 32 नमूने फेल निकले। फेल होने के पीछे अधिकतर खाद्य सामग्री अधोमानक थी। अब इन व्यापारियों को सुधार के निर्देश देने के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मुजफ्फरनगर खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों पर तो अपना जांच अभियान चलाकर बाजारों में खाद्य सामग्री में फैल रही मिलावट पर वार करता ही है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया में भी प्रति महीने बाजारों में अभियान चलाकर खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर लैब में भेजे जाते हैं। दूध, दही, पनीर, तेल, मिठाई, आईक्रीम सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने की रिपोर्ट भी चौंकाती है। मई महीने की ताजा रिपोर्ट विभाग में सामने आई है। पूरे महीने में 125 स्थानों पर जांच की गई, जिसमें 260 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। इसमें 54 नमूने की जांच रिपोर्ट सामने आई है। इसमें मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए 32 नमूने है, जिनके निर्माण में मानकों को पूरा नहीं किया गया। विभागीय अधिकारी शेष नमूनों की रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद खाद्य व्यापारियों को नोटिस देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की सहायक आयुक्त अर्चना धीरान ने बताया कि हमारी टीम प्रति महीने विभिन्न बाजारों व शिकायत के आधार पर खाद्य सामग्री की जांच के लिए नमूनों का संग्रह करती है। मई महीने में लिए गए 54 नमूनों की रिपोर्ट 32 अधोमानक मिले हैं। इन व्यापारियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए कार्रवाई व जुर्माना लगाया जाएगा।
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