
तीन महिलाओं को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती, शाहपुर की एक मरीज का घर पर चल रहा उपचार
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में चार नई महिलाओं में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 34 हो गई है। नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की है। विभाग का उद्देश्य डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की उत्पत्ति रोकना और संक्रमण के प्रसार पर अंकुश लगाना है।


स्वास्थ्य विभाग के एपिडेमियोलॉजिस्ट शमशेर आलम ने नए मरीजों की पुष्टि करते हुए बताया कि चारों महिलाएं बुखार से पीड़ित थीं। जांच में डेंगू पॉजिटिव आने के बाद तीन महिलाओं को मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, बेगराजपुर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। वहीं, शाहपुर निवासी एक महिला का उपचार घर पर ही चल रहा है।

इन क्षेत्रों में मिले नए मरीज
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नए मरीज सदर क्षेत्र के कूकड़ा, बघरा, खतौली और शाहपुर क्षेत्र से संबंधित हैं। इनमें से तीन महिलाओं को बेहतर चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। एक महिला की स्थिति के संबंध में विभाग ने अलग से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। उसका उपचार घर पर ही किया जा रहा है। नए मामलों के सामने आने से जिले में डेंगू को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। बारिश के बाद जमा पानी, खुले बर्तन, कूलर, गमलों और अन्य स्थानों पर ठहरा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव संबंधी कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
मच्छरों के प्रजनन स्थल नष्ट करने की कार्रवाई
एपिडेमियोलॉजिस्ट शमशेर आलम के अनुसार, डेंगू पॉजिटिव पाए गए मरीजों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन अभियान चलाया गया है। इस कार्रवाई के तहत मच्छरों के पनपने वाले संभावित स्थानों की पहचान कर उन्हें समाप्त करने का प्रयास किया जाता है। डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए मरीजों के घरों के आसपास साफ-सफाई और जलभराव की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।
बुखार होने पर जांच कराने की सलाह
डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अपने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, गमलों, पानी की टंकियों और खुले बर्तनों की नियमित सफाई करनी चाहिए। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने और मच्छरदानी या मच्छररोधी साधनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या अन्य असामान्य लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। डेंगू की आशंका होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जांच और उपचार कराना जरूरी है।जनपद में अब तक डेंगू के 34 मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण को नियंत्रित करने और लोगों को जागरूक करने की चुनौती बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव संबंधी कार्रवाई के साथ ही लोगों की सतर्कता भी डेंगू की रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकती है।











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