
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में 868 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को व्यापारी पर बम फेंकने और बम बनाने वालों से कोई परेशानी नहीं थी, उन्हें शिवभक्तों के “बम-बम” के जयघोष से तकलीफ होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों ने अपने शासनकाल में कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्राओं और दुर्गा पूजा के पंडालों तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया, प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। उन्होंने विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सराहना की।
2017 से पहले कांवड़ यात्रा रोकने के आदेश थे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद अधिकारियों ने उन्हें पुराने शासनादेश दिखाए, जिनमें कांवड़ यात्रा से दंगे की आशंका जताते हुए इसे रोकने और घंटा-घड़ियाल तथा शंख बजाने पर भी रोक लगाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने स्पष्ट किया कि शिवभक्तों की यात्रा पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ निकलेगी तथा अनुशासित श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की रोक नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार से गाजियाबाद तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा आज देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। मुख्यमंत्री ने कांवड़ संघों और श्रद्धालुओं से यात्रा की मर्यादा एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की।
‘भगवा रंग से चिढ़ थी विपक्ष को’
मुख्यमंत्री ने मंच से अपना भगवा कुर्ता दिखाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इस रंग से भी परेशानी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष आस्था का सम्मान नहीं करता, बल्कि उसे केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम, दुग्धेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर तथा पुरा महादेव में आदियोगी प्रतिमा जैसी परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का विकास कर रही है।
‘10 साल पहले गैंगवार की पहचान था गाजियाबाद’
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले गाजियाबाद की पहचान गैंगवार, गुंडागर्दी और गंदगी से होती थी तथा यहां की अराजकता पर फिल्में बनती थीं। आज यही जनपद सुशासन, स्वच्छता और आधुनिक आधारभूत ढांचे के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की बेहतर सफाई व्यवस्था, आधुनिक सड़कें, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, एक्सप्रेस-वे और अन्य विकास परियोजनाओं ने गाजियाबाद की तस्वीर बदल दी है।
रैपिड रेल और एक्सप्रेस-वे से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल परियोजना को पूर्ववर्ती सरकारों ने आगे नहीं बढ़ाया था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे प्राथमिकता दी। आज मेरठ से दिल्ली की दूरी लगभग 40 मिनट में पूरी हो रही है, जबकि मोदीनगर और मुरादनगर के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, हिंडन एयरपोर्ट तथा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं।
‘जीरो टॉलरेंस से आया सुशासन’


मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज ही सुशासन की पहचान है। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ा है, रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और गाजियाबाद आज एनसीआर के ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले शासन करने वालों की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि सत्ता का आनंद था। इसी कारण प्रदेश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी स्वयं स्वीकार कर चुके थे कि 100 रुपये में केवल 15 रुपये ही लाभार्थियों तक पहुंचते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शेष धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, जबकि वर्तमान सरकार विकास योजनाओं में प्रत्येक रुपये का उपयोग पारदर्शिता के साथ कर रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।











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