Select Language :

Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में खुलेगा कैंसर डिटेक्शन सेंटर: मासूम पर कुत्ते के हमले पर सांसद हरेंद्र मलिक ने जताई तीखी नाराजगी

मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में खुलेगा कैंसर डिटेक्शन सेंटर: मासूम पर कुत्ते के हमले पर सांसद हरेंद्र मलिक ने जताई तीखी नाराजगी

घायल बच्ची मेहराब का हालचाल जानने पहुंचे सांसद, सीएमएस को लगाई फटकार
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखने के लिए मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक मंगलवार को अचानक अस्पताल परिसर पहुंचे। हाल ही में अस्पताल के भीतर आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई मासूम बच्ची मेहराब का हालचाल जानने पहुंचे सांसद ने इस घटना को घोर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। उन्होंने घायल बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर चिकित्सकों को उच्च स्तरीय और बेहतर उपचार निशुल्क उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान सांसद ने चिकित्सालय को एक बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि जिला अस्पताल में जल्द ही ₹70 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक ‘कैंसर डिटेक्शन सेंटर’ स्थापित किया जाएगा।

How to Make a News Portal

पश्चिम यूपी के लिए वरदान बनेगा नया कैंसर डिटेक्शन सेंटर
क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि जिला अस्पताल में जल्द ही कैंसर डिटेक्शन सेंटर लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। करीब ₹70 करोड़ के इस बड़े प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से जिले और आसपास के हजारों मरीजों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की प्रारंभिक जांच और डायग्नोसिस के लिए दिल्ली, मेरठ या मुंबई के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्थानीय स्तर पर ही शुरुआती चरण में बीमारी का पता लगाकर मरीजों का समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा, जो पश्चिम उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस निरीक्षण और परामर्श सत्र के दौरान वरिष्ठ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता जुनैद सैफी सहित समाज के कई गणमान्य लोग और पार्टी कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कुत्तों के आतंक पर सीएमएस को सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान सांसद हरेंद्र मलिक ने अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आमद पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. संजय वर्मा से बेहद तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहां दूर-दराज से लाचार मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहां सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सांसद ने सीएमएस को दोटूक लहजे में निर्देश दिए:
अस्पताल परिसर को आवारा पशुओं और कुत्तों से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिका की तत्काल सहायता ली जाए। यदि स्थानीय अस्पताल प्रशासन इस गंभीर व्यवस्था को संभालने में खुद को असक्षम महसूस कर रहा है, तो बिना देर किए अपने उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से वस्तुस्थिति से अवगत कराएं और आवश्यक सुरक्षा संसाधनों व सुरक्षाकर्मियों की मांग करें।

बाबू के बजाए अधिकारी खुद संभालें कमान
सांसद ने चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों और दवाओं के स्टॉक का निरीक्षण करते हुए अस्पताल प्रशासन को स्वयं कमान संभालने की नसीहत दी। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल के महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य किसी क्लर्क (बाबू) के भरोसे छोड़ने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी स्वयं फ्रंट पर रहकर निगरानी करें। उन्होंने साफ किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

वोट करें

[democracy id="1"]

Our Visitor

1 1 7 5 2 7
Total views : 345098

Follow us on