
संसदीय कार्य मंत्री की अपील पर भी चर्चा को तैयार नहीं हुआ विपक्ष, कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में भले ही विपक्ष सरकार के खिलाफ हंगामा करके दोनों सदनों की कार्यवाही को लगातार बाधित करती आ रही है, लेकिन तीसरे सप्ताह में विपक्ष की हंगामा करने की रणनीति पर सरकार की रणनीति भारी पड़ रही है। मसलन विपक्ष के हंगामे की परवाह किये बिना दोनों सदनों में विधायी कार्यो को आगे बढ़ा रही है। बुधवार को लोकसभा में एक बार के स्थगन के बाद दो बजे की कार्यवाही के दौरान सदन ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ‘बैंकर बुक्स एविडेंस विधेयक-2026’ को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। पीठ पर आसीन जगदंबिका पाल ने विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही को गुरुवार 11 बजे तक स्थगित कर दी।


केंद्र सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के हंगामें के बावजूद गुरुवार को एक और महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी मिल गई है। जब निचले सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बाद दो बजे शुरु हुई, तो उसी दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में ‘बैंकर बुक्स एविडेंस विधेयक चर्चा और पारित कराने के लिए प्रस्तुत किया। लेकिन विपक्ष इस विधेकय पर चर्चा करने के बजाए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता नजर आया। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चर्चा में भाग लेने का अनुरोध भी किया। वहीं पीठासीन जगदंबिका पाल ने भी हंगामा कर रहे सदस्यों को समझाकर शांति से चर्चा का हिस्सा बनने को कहा, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ तो सदन में हां व ना को लेकर बिल पास कराने का प्रस्ताव लाया गया, जिसमें इस विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया और सदन की कार्यवाही 06 अगस्त गुरुवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

संसदीय समिति और अन्य दस्तावेज पेश
इससे पहले जब लोकसभा की दो बजे फिर कार्यवाही शुरु हुई, तो पीठ पर वरिष्ठ सदस्य जगदंबिका पाल आसीन हुए और शून्यकाल चलाने की अनुमति दी। लेकिन सदन शुरु होते ही फिर विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी करके हंगाम शुरु कर दिया। इसी हंगामे के बीच संसदीय समितियों की रिपोर्ट पेश की गई। आज की कार्यवाही में विभिन्न मंत्रालयों से जुड़ी संसदीय समितियों की महत्वपूर्ण रिपोर्टों में गांवों का मैपिंग और स्वामित्व योजना पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मामलों की स्थायी समिति के प्रतिनिधि रामाशंकर विद्यार्थी राजभर और जुगल किशोर ‘स्वामित्व योजना तथा 73वें संविधान संशोधन के प्रभावशीलता पर अपनी 35वीं और 36वीं रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। वहीं अनुराग सिंह ठाकुर ने इस्पात और खनन क्षेत्र के संबन्ध में और खान और इस्पात समिति की 28वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें इस्पात मंत्रालय की अनुदान मांगों और सिफारिशों का ब्योरा शामिल हैं। वहीं संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और गौरव गोगोई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की 18वीं रिपोर्ट पेश की।
राज्यसभा में कुछ देर चला शून्यकाल
दूसरी ओर राज्यसभा की शून्यकाल से आरंभ हुई कार्यवाही के दौरान सभापति राधाकृष्णन की अनुमति से मंत्रियों के वक्तव्य, समितियों की रिपोर्ट और कुछ प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे गये, लेकिन विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। इसके बावजूद सदन में सदस्यो ने लोकमहत्व के मुद्दे उठाये, जिसमें जम्मू कश्मीर से भाजपा सांसद सतपॉल शर्मा ने धारा 370 हटाने की वर्षगांठ पर पीएम मोदी का आभार जताया, जहां राज्य देश की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है। इनके अलावा तमिलनाडु से एडीएमके एमं थंबीदुरई, हरियाणा से भाजपा के संजय भाटिया, यूपी से भाजपा की डा. संगीता बलवंत, एमपी से भाजपा की कविता पाटीदार, महाराष्ट्र से भाजपा की डा. मेघा विश्राम कुलकर्णी आदि सदस्यों ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही अपने अपने क्षेत्र के मामले उठाए। लेकिन विपक्षी दलो के सदस्यों द्वारा जारी नारेबाजी की आवाज ज्यादा तेज हो गई। एक और सदस्या ने मामले उठाने का प्रयास किया, लेकिन करीब 17 मिनट बाद सभापति ने सदस्यों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन जब हंगामा नहीं थमा तो सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
विरोध मार्च निकालकर संसद के द्वार पहुंची कांग्रेस
संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। उन्होंने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चंदा में कथित गड़बड़ी और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे।











Total views : 393915