
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘विकसित भारत-2047 मेरे सपनों का भारत’ विषय पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल उपस्थित रहे। विद्यालय प्रांगण में पधारने पर एम.जी. चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चंद गोयल एवं प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया, जिसके उपरांत दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।


प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने बताया कि इस आयोजन के दौरान ‘विकसित भारत-2047’ के विजन पर आधारित चित्रकला, भाषण प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में तीन वर्गों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कक्षा 6 से 8 वर्ग में अनुशा सरस्वती प्रथम, वीरा सरस्वती द्वितीय व आरू शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि इशिका चौधरी और मौ. अलमास को सांत्वना पुरस्कार मिला। कक्षा 9 से 10 वर्ग में राबिया खान प्रथम, आयुषि गर्ग द्वितीय व अलिशा तृतीय रहीं तथा आयुष व कार्तिक गर्ग को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं कक्षा 11 से 12 वर्ग में ईशा प्रथम, एैशनी द्वितीय व सिद्धी तृतीय स्थान पर रहीं तथा अवनि, फलक व माहा को सांत्वना पुरस्कार मिला। ‘मेरे सपनों का भारत’ विषयक भाषण प्रतियोगिता में आशि चौधरी, साक्षी, अनंत जैन, फारिका, मैत्री शर्मा, सिम्मी त्यागी, श्रेया एवं निष्ठा सिंह ने प्रभावी विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताओं के सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते प्रभाव का सुंदर प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों की आँखों में संजोए सपने ही आने वाले भारत की दिशा तय करेंगे। आज के ये प्रतिभाशाली बच्चे ही कल के ‘विकसित भारत’ के मुख्य शिल्पकार बनेंगे। उन्होंने शहीद भगत सिंह की जयंती का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल मंचन शिक्षिका रितु शर्मा द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सहयोगी स्टाफ का विशेष योगदान रहा।












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