
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को सील करने के प्रशासनिक अभियान को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व स्थानीय विधायक कपिल देव अग्रवाल ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी व्यापारी या दुकान के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई पूरी तरह कानून सम्मत और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही होनी चाहिए। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सीधे दुकानों को सील कर व्यापारियों के बीच भय का माहौल पैदा न किया जाए।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व सचिव और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) से सीधे वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि बिना पूर्व नोटिस के अचानक की जा रही सीलिंग की कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में भारी असंतोष और डर का वातावरण बन रहा है। प्रशासन का उद्देश्य नियमों का पालन कराना होना चाहिए, न कि व्यापारियों में अनावश्यक आतंक फैलाना।
उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन या कोई तकनीकी कमी पाई भी जाती है, तो पहले संबंधित व्यापारी को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और उसे कमियों को दूर करने का पर्याप्त समय और अवसर दिया जाए। मंत्री ने याद दिलाया कि व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सूबे की योगी सरकार की मंशा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार सुगमता की है, इसलिए अधिकारी कठोरता के स्थान पर व्यापारियों के साथ संवाद, सहयोग और पारदर्शिता की नीति अपनाएं ताकि आम कारोबारियों को बेवजह की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।
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