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40 करोड़ का फेरो सिलिकॉन कहां खपा? रोलिंग मिलों तक पहुंच सकती है जाँच

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। भूटान बॉर्डर के रास्ते फेरो सिलिकॉन के आयात में 30 से 40 करोड़ रुपये तक की कथित टैक्स चोरी की आशंका के मामले में जांच की आंच मुजफ्फरनगर तक पहुंच गई है। बुधवार दोपहर पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की टीम ने कारोबारी राजीव जैन की तलाश में शहर में दबिश दी। शहर कोतवाली और खालापार थाना पुलिस को साथ लेकर टीम भारत माता मंदिर के पास पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित कारोबारी के आवास पर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद टीम ने उन्हें कानूनी नोटिस तामील कराया। कस्टम विभाग की जांच में कारोबारी की फर्म श्री वैंकटेश्वर इंटरप्राइजेज के नाम पर हुए फेरो सिलिकॉन के आयात को शामिल किया गया है। सिलिकॉन की सप्लाई किन किन रोलिंग मिलों तक पहुंची इसकी भी जाँच होगी, जीएसटी विभाग भी इस मामले को लेकर सक्रिय हो गया है।

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कस्टम विभाग की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर के दौरान भूटान बॉर्डर के रास्ते फेरो सिलिकॉन से लदे 215 ट्रक भारत पहुंचे। इन ट्रकों के जरिए हुए आयात में बड़े पैमाने पर कर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। प्रारंभिक जांच में करीब 30 से 40 करोड़ रुपये तक की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आने की बात कही गई है। इसी सिलसिले में विभाग की टीम कारोबारी की तलाश में मुजफ्फरनगर पहुंची। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा ने पश्चिम बंगाल से कस्टम विभाग की टीम आने की पुष्टि की है।

दो ट्रक पकड़े जाने के बाद शुरू हुई जांच

नोटिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर को भारत-भूटान सीमा पर फेरो सिलिकॉन से लदे दो ट्रकों को पकड़े जाने के बाद हुई। दोनों ट्रकों के जरिए भूटान से भारत में माल लाया जा रहा था। जांच के दौरान कथित अनियमितताएं सामने आने पर कस्टम विभाग ने दोनों ट्रकों को सीज कर दिया। इसके बाद आयात से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की पड़ताल शुरू की गई।

जांच आगे बढ़ने पर सितंबर से अक्टूबर के बीच फेरो सिलिकॉन की बड़ी खेप भारत पहुंचने की जानकारी सामने आई। नोटिस में 8 सितंबर, 16 सितंबर, 19 सितंबर, 7 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को ट्रकों के भारत में प्रवेश का उल्लेख किया गया है। विभाग अब संबंधित खेपों, आयात से जुड़ी फर्मों और कर संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रहा है। हालांकि, कथित टैक्स चोरी की वास्तविक राशि और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कारोबारी की फर्म के नाम पर आयात का उल्लेख

कस्टम विभाग के नोटिस में मुजफ्फरनगर निवासी कारोबारी राजीव जैन की फर्म श्री वैंकटेश्वर इंटरप्राइजेज का नाम सामने आया है। इसी फर्म के नाम पर फेरो सिलिकॉन के आयात का उल्लेख करते हुए विभाग ने कारोबारी को नोटिस जारी किया है। नोटिस तामील कराने पहुंची टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उनके आवास पर तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद उनकी अनुपस्थिति में कानूनी नोटिस तामील कराया गया।

अब कारोबारी को आयात से संबंधित दस्तावेजों और मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित कर अनियमितताओं में उनकी भूमिका क्या रही है और जांच के बाद उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी। मामले में कारोबारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है।

लौह एवं इस्पात उद्योग में होता है फेरो सिलिकॉन का इस्तेमाल

फेरो सिलिकॉन लौह एवं इस्पात उद्योग में इस्तेमाल होने वाला मिश्रधातु पदार्थ है। इसका उपयोग इस्पात निर्माण के दौरान उसकी गुणवत्ता और गुणों को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में इसकी मांग के कारण इसका आयात भी किया जाता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर हुए आयात में कथित कर अनियमितताओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की मुजफ्फरनगर में दबिश के बाद स्थानीय कारोबारी जगत में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल जांच जारी है। कथित टैक्स चोरी की अंतिम राशि, संबंधित फर्मों की भूमिका और संभावित कार्रवाई के बारे में स्थिति जांच पूरी होने तथा संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

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