
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: माध्यमिक विद्यालय बालक-बालिका शैक्षिक एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2026 के समापन समारोह के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया, जब जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) हरिकेश यादव मंच से ही जनपद के शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों पर भड़क उठे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच हो रहे शोर-शराबे और अव्यवस्था को लेकर उन्होंने अपनी सख्त नाराजगी व्यक्त की।
जो अनुशासन नहीं बना सकता, वह शिक्षक कहलाने योग्य नहीं
एसडी इंटर कालेज में चल रही क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन के दौरान DIOS हरिकेश यादव ने कहा कि खेल और शैक्षिक कार्यक्रमों में अनुशासन सर्वोपरि होना चाहिए। यदि शिक्षक स्वयं ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में विद्यार्थियों के बीच अनुशासन कायम नहीं रख सकते, तो वे शिक्षक की सही परिभाषा को ही नहीं समझते।
समापन समारोह में बोलते हुए उन्होंने अनुशासनहीनता पर कड़ा ऐतराज जताया और मंच से ही स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए अनुपस्थित प्रधानाचार्यों के लिए चेतावनी तक जारी कर दी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतियोगिता के समापन अवसर पर अनुपस्थित रहने वाले सभी प्रधानाचार्यों की सूची तत्काल तैयार की जाए, ताकि उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
राजनीतिक सिफारिशों पर सीधी चेतावनी
डीआईओएस हरिकेश यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक या प्रधानाचार्य अपनी अनुपस्थिति या अनुशासनहीनता पर राजनीतिक सिफारिश लाने की कोशिश न करे। “यदि कोई शिक्षक या प्रधानाचार्य किसी भी प्रकार की राजनीतिक सिफारिश लाएगा, तो मैं उसे बिल्कुल नहीं सुनूँगा। चाहे मुझे अपनी नौकरी छोड़कर ही क्यों न जाना पड़े।”
शिक्षकों में मचा हड़कंप, डीआईओएस को लेकर शुरू हुई चर्चाएं
डीआईओएस के इस कड़े रुख और सख्त तेवरों को देखकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद शिक्षकों, आयोजकों एवं प्रधानाचार्यों में हड़कंप मच गया। जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर अधिकारी की यह तल्खी अब शिक्षा महकमे में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। कुछ शिक्षक इसे बेहतर बता रहे हैं, जबकि अधिकतर शिक्षक सर्वाजनिक मंच पर बच्चों के सामने शिक्षकों के प्रति इस प्रकार के शब्दों की निंदा कर रहे हैं।
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