
लोकपथ लाइव, लखनऊ/मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर में सुनियोजित शहरी विकास और नई आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) और मीरजापुर-विंध्याचल विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए 115 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से मुजफ्फरनगर में नए शहरों के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, दोनों विकास प्राधिकरणों की परियोजनाओं के लिए सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 164.87 करोड़ रुपये की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 115 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के हिस्से में आने वाली अलग-अलग धनराशि और परियोजनाओं का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
मुजफ्फरनगर में सुनियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए शहरी क्षेत्रों का समग्र और व्यवस्थित विकास करना है। इसके तहत आवासीय सुविधाओं के विस्तार और नियोजित शहरी विकास के लिए विकास प्राधिकरणों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता से संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नए शहरों के विकास के लिए 3,500 करोड़ का प्रावधान
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए शहरों के समग्र एवं समुचित विकास के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के अंतर्गत भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार की ओर से सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह सहायता अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दी जा सकती है।
शासन ने इस योजना को 6 अप्रैल 2023 को लागू किया था। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के अनियोजित विस्तार को रोकते हुए बेहतर आवासीय सुविधाएं विकसित करना और नए शहरी क्षेत्रों को सुनियोजित तरीके से आकार देना है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के लिए इस वित्तीय मंजूरी को शहर के नियोजित विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास का लाभ स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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