Select Language :

Home » उत्तर प्रदेश » संविदा कर्मचारियों करेंगे 8 अक्टूबर से हड़ताल, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

संविदा कर्मचारियों करेंगे 8 अक्टूबर से हड़ताल, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत पिछले कई सालों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों ने अब अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मुजफ्फरनगर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिले के नियमित कर्मचारियों के प्रमुख संगठनों ने भी मौके पर पहुंचकर संविदा कर्मियों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष संजीव लांबा, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के मंत्री मनोज त्यागी व अनिल कुमार, स्टाफ नर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सरिता चौधरी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार व कोषाध्यक्ष सुमित कुमार तथा ADRO आनंद कुमार सहित कई दिग्गज नेताओं ने एकसुर में ऐलान किया कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा संविदा कर्मियों का उत्पीड़न किया गया, तो जिले के सभी नियमित कर्मचारी भी काम ठप कर हड़ताल में शामिल होंगे।
18 वर्षों की सेवा का मांगा सिला, रखीं मुख्य मांगें
ज्ञापन के जरिए अवगत कराया गया कि एनएचएम संविदा कर्मी विगत 18 से अधिक वर्षों से ग्रामीण व दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर काम कर रहे हैं। संघ ने दो प्रमुख मांगों को प्राथमिकता से उठाया:
  1. नियमितीकरण: स्वास्थ्य विभाग में 18 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को तुरंत नियमित किया जाए।
  2. समान कार्य-समान वेतन: नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी होने तक समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर वर्तमान मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।
इसके अलावा, कर्मचारियों के सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता (DA), EPF, HRA, ग्रेच्युटी का लाभ, पारदर्शी गैर-जनपद स्थानांतरण नीति, सेवा के दौरान मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्स डाटा ऑपरेटरों व कोविड कर्मियों का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन और नियमित भर्तियों में संविदा कर्मियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने जैसी मांगें भी पुरजोर तरीके से रखी गईं।
आंदोलन की रूपरेखा तय
डॉ. सचिन जैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन स्तर से इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी यदि मांगों की अनदेखी की गई, तो 12 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालय (लखनऊ) पर विशाल आंदोलन व धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
इस दौरान ज्ञापन देने वालों में डॉ. राहुल वर्मा, हिमांशु त्यागी, डॉ. चेतना शर्मा, निर्मला चौधरी, विपुल कुमार, रवि कुमार, डॉ. शमशेर आलम, एहतेशाम, डॉ. सागर गोस्वामी, राहुल कुमार, डिंपल रानी, मोहित कुमार, सचिन कुमार, तंजीम अहमद, राकेश कुमार, मो. जुनेद, डॉ. दिव्यांक दत्त, अनिल कुमार, स्टाफ नर्स अर्चना, रिंकी विश्वकर्मा, वंदना शर्मा, नेहा त्यागी, बबीता शर्मा, एलटी कामेश, रविंद्र, आकाश और प्रवीण कुमार पाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

खबरें और भी हैं...

वोट करें

[democracy id="1"]

Our Visitor

1 5 9 2 5 9
Total views : 421077

Follow us on