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डायट में शिक्षकों को मिले तनाव मुक्ति रहने के टिप्स, प्राचार्य ने बांटे प्रमाण पत्र

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) मुजफ्फरनगर में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व इंचार्ज अध्यापकों की कार्यकुशलता एवं क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘सक्षम व समर्थ’ के द्वितीय बैच का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान डायट प्राचार्य द्वारा सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर डायट प्राचार्य ने शिक्षकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों को खुद को तनाव मुक्त रखते हुए अपने-अपने विद्यालयों का कुशल और सुचारू संचालन करना चाहिए, ताकि बच्चों को एक बेहतर माहौल मिल सके।
प्रशिक्षण के दौरान आयोजित सत्र में प्रसिद्ध न्यूरो मनोचिकित्सक विशेषज्ञ डॉ. अर्पण जैन ने ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं माइंडफुलनेस’ विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज समाज, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में हो रहे तीव्र परिवर्तनों ने जहाँ जीवन को सुलभ बनाया है, वहीं विद्यार्थियों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव भी डाला है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, शैक्षणिक दबाव, पारिवारिक अपेक्षाएँ और सोशल मीडिया व डिजिटल माध्यमों का अत्यधिक उपयोग बच्चों में तनाव, चिंता, अकेलापन और भावनात्मक असंतुलन पैदा कर रहा है। ऐसे दौर में विद्यालय केवल किताबी ज्ञान का केंद्र न रहकर बच्चों के भावनात्मक सुरक्षा और सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण का मुख्य आधार बन चुके हैं।
प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में मेडिटेशन विशेषज्ञ शिल्पी गर्ग ने सभी प्रतिभागियों को ‘सहज योग’ का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हर मनुष्य के भीतर कुंडलनी के रूप में परमात्मा की शक्ति विद्यमान है, जिसे 10 से 15 मिनट के ध्यान और प्रार्थनाओं के माध्यम से जाग्रत किया जा सकता है। यह योग व्यक्ति को आत्मिक शांति प्रदान कर परमात्मा की सर्वव्यापी चेतना से जोड़ता है।
कार्यक्रम प्रभारी व डायट प्रवक्ता डॉ. पंकज वशिष्ठ ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग के संवर्धन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए समर्थ बनाएगा। इससे विद्यालयों में एक सुरक्षित, संवेदनशील और सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान डायट प्रवक्ता अंजलि सिंह, डॉ. विकास अग्रवाल एवं विनीता कमल ने भी विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। इस दौरान संस्थान के वरिष्ठ प्रवक्ताओं, प्रवक्ताओं तथा डायट प्रशिक्षु अजय व वंदना का विशेष योगदान रहा।

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