
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान आम श्रद्धालुओं और आमजन को शुद्ध व मिलावट रहित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। आयुक्त महोदया के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) अर्चना धीरान तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कांवड़ मार्गों पर व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान मार्ग में पड़ने वाले सभी ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंटों, ठेलों, रेहड़ियों और फल विक्रेताओं की दुकानों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों के दृश्य स्थानों पर फूड लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र चस्पा करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा मौके पर ही रेट लिस्ट भी लगाई गई।
पारदर्शिता और त्वरित शिकायत निवारण के लिए विभाग ने एक अनूठी पहल करते हुए खाद्य दुकानों पर ग्राहक संतुष्टि फीडबैक के लिए ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ (Food Safety Connect App) के पोस्टर और क्यूआर (QR) कोड चस्पा किए हैं। इस पोस्टर पर विभाग का टोल-फ्री नंबर भी अंकित है। श्रद्धालु या आम नागरिक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान का पूरा ब्योरा प्राप्त कर सकते हैं तथा भोजन की गुणवत्ता खराब होने या अन्य समस्या होने पर सीधे ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, हाइजीन और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। दुकानदारों को भोजन में किसी भी प्रकार के रासायनिक रंगों और खुले मसालों का प्रयोग न करने की हिदायत दी गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने सिर्फ ताजे फलों के विक्रय, पैकेट बंद मसालों के प्रयोग और हर समय ताजा भोजन ही परोसने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक समय का बना भोजन अगले समय के लिए न रखा जाए और न ही परोसा जाए। सड़े-गले व कटे हुए फलों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही आसपास मौजूद आम लोगों को भी खुले में बिक रहे कटे फलों और रंगयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करने के प्रति जागरूक किया गया।
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