
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। एफएमसीआई हॉल में मंगलवार को औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) और सीएक्यूएम (CAQM) के नियमों को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पेपर मिलों समेत विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों, निगरानी व्यवस्था और आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया गया।
यूपीपीसीबी के एआरओ गीतेश चंद्र, एई कुंवर संतोष और जेई संध्या शर्मा ने आईईसी, एक्शन प्लान और एनसीआर में डीजी सेट से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बॉयलर संचालन में एयर-फ्यूल रेशियो का सही संतुलन बेहद महत्वपूर्ण है। एयर-फ्यूल रेशियो कम या अधिक होने पर दहन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) समेत अन्य उत्सर्जन बढ़ने की स्थिति बन सकती है। इससे ब्लैक स्मोक की समस्या भी सामने आ सकती है। उद्यमियों को सलाह दी गई कि बॉयलर लोड के अनुसार एयर रेशियो समेत सभी संबंधित पैरामीटर की नियमित निगरानी की जाए।
एक्सेस एयर कंडीशन, कम्बशन कंट्रोल डिवाइस, बॉयलर फ्यूल, ऑक्सीजन लेवल और तापमान जैसे मानकों की जांच पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आगामी GRAP अवधि में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों का विशेष रूप से पालन करना होगा। कार्यशाला में औद्योगिक इकाइयों के संचालकों ने प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली।
इस दौरान उद्यमी अमित गर्ग, नीलकमल पूरी, अंकुर गर्ग, अभिषेक अग्रवाल, मनीष कपूर, मनीष, मनोज आदि उद्यमी व उद्योग कर्मचारी मौजूद रहे।
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