
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए एसोसिएशन ऑफ पीईटी रीसाइक्लर्स भारत ने बॉटल की रीसायकल यात्रा का जनपद से शुभारंभ किया। कांवड़ यात्रा के दौरान मंसूरपुर क्षेत्र से जन-जागरूकता एवं संग्रह पहल करते हुए कांवड़ियों व आम नागरिकों द्वारा उपयोग के बाद फेंकी गई प्लास्टिक बोतलों को रिसाइकिल के लिए एकत्रित किया जाएगा। एपीआर के निदेशक गौतम जैन ने बताया कि कांवड़ यात्रा में 35 हजार पानी व कोल्ड्रिंक की खाली बोतले एकत्रित करना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुजफ्फरनगर में खाली प्लास्टिक बोतल एकत्रित करने के लिए कांवड़ मार्ग पर वाहन को हरी झंडी दिखाने के बाद एपीआर भारत के डायरेक्टर गौतम जैन ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह संदेश जन-जन तक पहुँचाना है कि उपयोग की जा चुकी प्लास्टिक बोतल केवल कचरा नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक अत्यंत मूल्यवान संसाधन बनाना है। उन्होंने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस पायलट अभियान के तहत विशेष रूप से डिजाइन की गई एक आधुनिक जागरूकता वैन मुज़फ्फरनगर और मेरठ के कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित चार प्रमुख और व्यस्ततम स्थलों पर लगातार संचालित होगी। यह वैन न केवल एक मोबाइल सूचना केंद्र के रूप में कार्य करेगी, बल्कि एक संग्रह केंद्र के रूप में भी श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों से सीधे पीईटी बोतलें एकत्रित करेगी। इस पहल के माध्यम से अभियान अवधि के दौरान 35,000 से अधिक पीईटी बोतलों को एकत्र कर सीधे औपचारिक एवं वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग प्रणाली से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल से केंद्र सरकार विदेशी मुद्रा की बचत करने, कच्चे तेल व पेट्रोकेमिकल आयात पर निर्भरता घटाने तथा 200 से अधिक आयात-निर्भर पेट्रोकेमिकल उत्पादों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध आएगी।
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