
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जनपद में वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा मानकों का पालन नहीं करने पर गुरुवार करे रात में प्रदूषण विभाग का अभियान चला। इसी कड़ी में रात में सिटी मजिस्ट्रेट और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने पूर्व सांसद कादिर राणा सहित चार रोलिंग मिलों का औचक निरीक्षण किया। सभी पर पर्यावरणीय नियंत्रण उपकरण नहीं मिलने पर कार्रवाई को लेकर नोटिस दिए। इस कार्रवाई से औद्योगिक संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा, एई संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी की संयुक्त टीम गुरुवार रात रोलिंग मिलों के निरीक्षण के लिए निकली। संयुक्त टीम ने देर शाम चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान शहर के सुजड़ू और राणा चौक के आसपास संचालित होने वाली प्रमुख रोलिंग मिलों सहित कई अन्य औद्योगिक इकाइयों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद कादिर राणा की राना स्टील, इसी के बगल में संजय जैन की सर्वोत्तम रोलिंग मिल, चौधरी अर्शन और राणा सेरामिक की जांच शुरू की। अधिकारियों ने विशेष रूप से उद्योगों में स्थापित वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली, उनकी वास्तविक क्षमता तथा अन्य तय पर्यावरणीय मानकों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा सभी औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधकों व स्वामियों को सख्त चेतावनी दी गई। टीम ने निर्देश दिए कि सभी वैधानिक प्रावधानों और पर्यावरणीय मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन तुरंत सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों चालू नहीं मिले। नोटिस देकर निर्देश दिए कि वह हमेशा चालू हालत में रखा जाए। यदि किसी भी इकाई में मानकों की अनदेखी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित उद्योग के खिलाफ सीलिंग सहित कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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