
दिल्ली में प्रदर्शन उग्र, 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े आंदोलनकारी
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और लाखों युवाओं के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी आक्रोश और विपक्षी विरोध के बीच पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले उपद्रवियों और भू-माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। उन्होंने लिख कि हमारे युवाओं के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और सख्त सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उनसे पूरी सख्ती से निपटा जाएगा।

प्रदर्शनकारियों की तीन गैर-समझौतावादी मांगें
प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में छात्रों और कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। कार्यकर्ताओं ने 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ का आह्वान भी किया है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने आंदोलन खत्म करने के लिए सरकार के समक्ष तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं:
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा (जिस पर प्रवक्ता ने कहा कि इस मांग पर कोई समझौता नहीं होगा)।
मुआवजे की मांग: नीट पेपर लीक के मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले सभी अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
एफआईआर वापसी की गारंटी: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई सभी पुलिस FIR रद्द हों और भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई न करने की पक्की लिखित गारंटी दी जाए।
सोनम वांगचुक का समर्थन, जेपी नड्डा बोले- मुद्दे का न हो राजनीतिकरण
सौरव दास ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने प्रसिद्ध समाजसेवी सोनम वांगचुक से बातचीत की है, जो अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। दोनों पक्षों ने आंदोलन को पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण रखने पर सहमति जताई है। दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर समस्या है जिस पर संसद में गहराई से चर्चा होनी चाहिए, इसका राजनीतिकरण करना युवाओं के हित में नहीं है।
हिंसा में 118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल
दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हुई हिंसक झड़पों पर दिल्ली पुलिस ने आंकड़े जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार, उपद्रव और पथराव के दौरान 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, पुलिस कार्रवाई और झड़पों में लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।











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