
नीट पेपर लीक व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है विपक्ष
मकर द्वारा पर एनडीए व विपक्ष का आमने सामने प्रदर्शन,
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। सत्र के शुरुआती तीन दिन पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद चौथे दिन (गुरुवार) भी स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। NEET (नीट) पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी सांसदों के उग्र विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।


लोकसभा व राज्यसभा में कई बार स्थगित हुई कार्यवाही
संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही गुरुवार सुबह जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई, लोकसभा व राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा में हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ओम बिरला को पहले कार्यवाही को दोपहर 12 बजे और दोबारा 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। उधर, राज्यसभा में भी स्थिति अलग नहीं रही। विपक्षी दल NEET मुद्दे पर नियम 267 के तहत तत्काल काम रोककर चर्चा कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते उच्च सदन को भी इसी प्रकार दो बार रोकना पड़ा।

मकर द्वार पर आमने सामने सत्तापक्ष व विपक्ष, चला हाईटेक ड्रामा
संसद परिसर में गुरुवार को एनडीए सांसदों ने सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। मसलन विपक्ष के खिलाफ सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों ने भी मोर्चा खोल दिया है। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा दिए गए धरने के विरोध में आयोजित किया गया। भाजपा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं और सिर्फ संसद को ठप करने की राजनीति कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान माहौल तब बेहद गरमा गया, जब माकपा (CPIM) सांसद जॉन ब्रिटास को भाजपा नेता अरुण सिंह के हाथ से विरोध प्रदर्शन का पोस्टर खींचते देखा गया। इसके तुरंत बाद दोनों पक्षों के सांसद एक-दूसरे के करीब आ गए और तीखी झड़प देखने को मिली। इसी दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और भाजपा नेताओं के बीच सीधे तौर पर तीखी नारेबाजी हुई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना कोई चर्चा नहीं: मल्लिकार्जुन खरगे
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष नियम 267 के तहत चर्चा चाहता था, लेकिन सरकार इससे बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज कराकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष संसद में किसी भी चर्चा के लिए तैयार नहीं होगा। आज संसद में सत्तारूढ़ दल के लोगों ने ही मेरा रास्ता रोकने की कोशिश की, जो संसदीय लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है। जब तक मंत्री पद छोड़ नहीं देते, यह मामला आगे नहीं बढ़ेगा।
नीट पर चर्चा से क्यों डर रही है कांग्रेस?: किरेन रिजिजू
दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार और एनडीए (NDA) पहले दिन से ही NEET मामले पर विस्तृत और खुली चर्चा के लिए तैयार हैं। रिजिजू ने कहा कि बुधवार को विपक्ष के नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत हुई थी और उम्मीद थी कि गुरुवार को चर्चा शुरू हो जाएगी, लेकिन कांग्रेस ने मनमानी शर्तें रखना शुरू कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में सख्त कदम उठाते हुए दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें (Fast-Track Courts) गठित करने का फैसला लिया है। सरकार भारत के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है, लेकिन ऐसा लगता है कि विपक्ष बहस से भागने के बहाने तलाश रहा है।
सड़क से संसद तक गरमाया माहौल
संसद परिसर के बाहर और भीतर जारी इस घमासान से साफ है कि मानसून सत्र का चौथा दिन भी राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ रहा है। विपक्ष जहाँ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पुलिस कार्रवाई के विरोध पर अड़ा हुआ है, वहीं सरकार विपक्ष पर चर्चा से भागने और युवाओं के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है।











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