
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में अब प्रशिक्षकों (कोच) की मनमर्जी और ड्यूटी से नदारद रहने का रवैया नहीं चलेगा। खेल विभाग ने स्टेडियम में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। आगामी 1 अगस्त से सभी खेल प्रशिक्षकों के लिए स्टेडियम में बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत न केवल कोच की उपस्थिति दर्ज होगी, बल्कि उनके आने-जाने के समय की भी सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन स्थापित कर दी गई है।
दरअसल, स्टेडियम में तैनात कई प्रशिक्षकों के निर्धारित समय पर उपस्थित न रहने और निरीक्षण के दौरान गायब मिलने की शिकायतें लगातार खेल मुख्यालय तक पहुंच रही थीं। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए खेल विभाग ने यह कदम उठाया है। जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सुबह के समय खिलाड़ियों व प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग देने का समय सुबह 5:30 बजे से 8:30 बजे तक निर्धारित है, जबकि शाम का प्रशिक्षण सत्र 4:00 बजे से 7:00 बजे तक चलता है। अब सभी प्रशिक्षकों को इन दोनों पालियों में बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी।
चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुश्ती कोच प्रदीप कुमार, कबड्डी कोच संजीव कुमार, एथलेटिक्स कोच सुशील कुमार, वुशू कोच मनीष शर्मा, जूडो कोच पूनम विश्नोई और बॉक्सिंग कोच भूपेंद्र यादव तैनात हैं। इनमें से भूपेंद्र यादव और पूनम विश्नोई क्रीड़ा अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खेल विभाग के इस कड़े कदम से जहां खिलाड़ियों को नियमित और समय पर प्रशिक्षण मिल सकेगा, वहीं स्टेडियम की खेल व्यवस्थाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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