
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। नगर के सिटी सेंटर स्थित राज्य कर विभाग के मीटिंग हॉल में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक धागा व्यापारियों के साथ हुई। विभागीय संयुक्त आयुक्त राजनाथ तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन तथा मूक पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत घातक साबित हो रहे प्रतिबंधित मांझे, सिंथेटिक मांझे, चीनी मांझे और शीशा लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री तथा उपयोग पर पूरी तरह से अंकुश लगाना रहा। जीएसटी अधिकारियों ने शासन की मंशा के अनुरूप धागा व्यापारियों से इस संबंध में संवाद किया।


बैठक के दौरान उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने मांझे के उपयोग और उसके अवैध व्यापार से जुड़े गंभीर विधिक व सामाजिक जोखिमों के प्रति व्यापारियों को गहराई से जागरूक किया। इस दौरान व्यापारियों को उच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए सख्त आदेशों से बिंदुवार अवगत कराया गया। इस दौरान असिस्टेंट कमिश्मर संतोष सिंह ने कहा कि प्रशासन ने समुदाय के भीतर सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापारियों से अपील की कि वे न केवल स्वयं प्रतिबंधित मांझे के निर्माण और बिक्री से पूरी तरह दूर रहें, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी इसके खतरों के प्रति सचेत करें। न्यायालय के निर्णय के सम्मान में सभी से पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की, जिस पर व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। इस विशेष जागरूकता अभियान के साथ-साथ राज्य कर विभाग ने व्यापारियों के हितों का ध्यान रखते हुए एक इंटरएक्टिव सत्र का भी आयोजन किया। इसमें उपस्थित जीएसटी से संबंधित विभिन्न व्यापारियों की व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुना गया। अधिकारियों ने कई जटिल विसंगतियों का मौके पर ही त्वरित निराकरण करते हुए व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान की, जिससे व्यापार जगत में विभागीय पारदर्शिता के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ।













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