
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली/चांगी। भारत और सिंगापुर के बीच गहरे रणनीतिक और समुद्री संबंधों को और सुदृढ़ करते हुए भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाजों ने सिंगापुर का अपना तीन दिवसीय बंदरगाह दौरा सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में रियर एडमिरल आलोक आनंद (फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग) के नेतृत्व में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि, शक्ति और कवरत्ती सिंगापुर के चांगी नौसेना अड्डे पर पहुंचे थे।
क्रॉस-डेक दौरे और व्यावसायिक वार्ताओं से मजबूत हुआ तालमेल
भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के अनुरूप आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के नौसैनिक बलों के बीच बेहतरीन अंतर-संचालनीयता (Interoperability) देखने को मिली। इस दौरान दोनों नौसेनाओं के अधिकारियों के बीच कई दौर की पेशेवर वार्ताएं हुईं और क्रॉस-डेक दौरों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आपसी नौसैनिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
(8)P8ST.jpeg)
स्कूली छात्रों ने जाना भारतीय नौसेना का पराक्रम
इस यात्रा के दौरान एक विशेष आकर्षण यह रहा कि स्थानीय स्कूली छात्रों को ‘आईएनएस कवरत्ती’ (INS Kavaratti) पर आने का अवसर मिला। युद्धपोत के दौरे के दौरान छात्रों ने नौसैनिक अभियानों को करीब से देखा, युद्धपोत पर सैनिकों की दिनचर्या व जीवन को समझा और भारतीय नौसेना का मार्गदर्शन करने वाले समुद्री मूल्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफल दौरे ने दोनों देशों के बीच न केवल पेशेवर समझ को बढ़ाया है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के साझा प्रयासों को भी नई ऊर्जा दी है।
Post Views: 84













Total views : 360985