
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिले के मंडी गांव स्थित एक पेपर प्लेट फैक्ट्री में 12 मजदूरों को कथित रूप से करीब डेढ़ वर्ष तक बंधुआ बनाकर रखने, उनके साथ मारपीट करने तथा पर्याप्त भोजन और मजदूरी दिए बिना आधी रात तक काम कराने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा मानते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।


आयोग ने जिलाधिकारी को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तथा बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 8 दिसंबर 2021 को जारी एनएचआरसी एडवाइजरी 2.0 के अनुरूप सभी पीड़ित मजदूरों का तत्काल ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एनएचआरसी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार 25 जून 2026 को सामने आए इस मामले में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत नेपाल के मजदूर भी पीड़ित बताए गए हैं। मेडिकल परीक्षण में कई मजदूरों के शरीर पर चोट, खरोंच, कटने के निशान, फ्रैक्चर तथा लंबे समय तक शारीरिक उत्पीड़न के संकेत मिलने को आयोग ने गंभीर माना है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा सभी पीड़ित मजदूरों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले में प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












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