
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने एवं नियम विरुद्ध संचालित चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग का औचक निरीक्षण अभियान जारी है। जिला प्रशासन की इस सख्ती से अवैध और नियमों को ताक पर रखकर चल रहे चिकित्सा केंद्रों में हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के आदेश पर पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कुमार के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मीरापुर स्थित अथर्व हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि दो अन्य बड़े अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
तहखाने में चल रहा था अल्ट्रासाउंड सेंटर, टीम ने किया सील: नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि मीरापुर स्थित अथर्व हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन बेसमेंट (तहखाने) में किया जा रहा था, जो कि निर्धारित चिकित्सा मानकों और नियमों के पूरी तरह विपरीत है। नियमों की धज्जियां उड़ते देख टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि नियमानुसार स्थान परिवर्तन एवं सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद ही इसे दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।
अपना और अनुलोक हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस: मीरापुर में कार्रवाई के बाद टीम ने मदीना चौक, बझेड़ी रोड स्थित ‘अपना हॉस्पिटल’ पर छापा मारा। यहाँ निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रबंधन, व्यवस्थाओं और जरूरी अभिलेखों (दस्तावेजों) में कई कमियां पाई गईं, जिस पर अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके बाद टीम ने कच्ची सड़क स्थित ‘अनुलोक हॉस्पिटल’ की जांच की। वहाँ संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर, एमटीपी (MTP), और सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अभिलेखों की गहनता से पड़ताल की गई। निरीक्षण में मिली कमियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।
नियमों से समझौता नहीं: सीएमओ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने सख्त लहजे में कहा कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनपद में चिकित्सा मानकों और नियमों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम विरुद्ध काम करने वाले अस्पतालों, क्लीनिकों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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