
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने सोमवार को विभिन्न औद्योगिक इकाइयों पर अचानक छापा मारा। संयुक्त टीमों ने क्षेत्र की रोलिंग मिल, स्टील एंड मेटल इंडस्ट्रीज और पेपर इंडस्ट्रीज से जुड़ी 10 बड़ी फैक्ट्रियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर पांच इकाइयों को बंदी का नोटिस जारी करते हुए पांच दिन की मोहलत दी गई है।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, एसडीएम राजकुमार, नायब तहसीलदार हरेंद्रपाल, सुनील और अमित के नेतृत्व में वायु प्रदूषण व अन्य नियमों को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। तकनीकी जांच के लिए टीम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक ऋषभ श्रीवास्तव, बिलाल, अक्षय, सुंदरम और अभिषेक मौर्य भी शामिल रहे। संयुक्त टीम ने विशेष रूप से फैक्ट्रियों में अनाधिकृत और प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (एपीसीडी) सुचारू रूप से काम नहीं कर रहे थे। इसके अलावा, कई जगह स्टैक मॉनिटरिंग फैसिलिटी यानी धुआं छोड़ने वाली चिमनियों की जांच प्रणाली में गंभीर कमियां और खामियां पाई गईं। पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली इन सभी दोषी औद्योगिक इकाइयों को सख्त हिदायत देते हुए जिला प्रशासन ने 5 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर कमियों को दूर कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत फैक्ट्रियों को सील करने की कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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