
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जनपद के चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में तरणताल का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों के अभाव के कारण वहां प्रशिक्षण लेने पहुंच रहे बच्चों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रशिक्षण के लिए शाम को दो घंटे महिला-पुरूषों के एक-एक घंटे के बैच निर्धारित किए हैं, लेकिन महिलाओं के लिए अलग से कोच और लाइवगार्ड सहित अन्य संसाधन नहीं होने से पंजीकरण बहुत कम है। ऐसे में पंजीकरण बढ़ाने के लिए निजी स्कूलों का सहारा लिया जा रहा है। शारदेन स्कूल के बच्चों को प्रशिक्षण शिविर में शामिल कर कैंप में संख्या बढ़ाई गई है।


मुजफ्फरनगर के गर्मी शुरू होते ही स्वीमिंग पूलों का संचालन शहर से लेकर देहात तक शुरू हो जाता है। इसी बीच चौधरी चरण सिंह स्पोट्स स्टेडियम के स्वीमिंग पूल के संचालन में भी नियमों की अनदेखी की गई है। क्रीड़ा अधिकारियों और कर्मचारियों का दावा है कि एक अप्रैल 2026 से इस वर्ष के पंजीकरण शुरू हो गए थे, जिसमें अभी तक 50 प्रशिक्षुओं के पंजीकरण हो चुके हैं। हालांकि कर्मचारियों का दावा है कि शाम को पांच से छह बजे महिलाओं के बैच संचालित हो रहे हैं, जबकि शाम छह से सात बजे तक पुरूषों का बैच का संचालन शुरू किया गया है। व्यवस्थाओं के नाम पर अभी स्वीमिंग पूल में प्रशिक्षण देने के लिए केवल एक ही कोच आशु चौधरी को तैनात किया है। इसके अलावा वहां की व्यवस्थाएं ठप है। महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए वहां महिला कोच नहीं है। इसके अलावा लाइव गार्ड की व्यवस्थाएं नहीं की गई है। इन असुविधाओं के बीच शारदेन स्कूल सहित अन्य निजी स्कूलों के बच्चों को सुबह के समय बैच में शामिल करने के लिए पंजीकरण कराया गया है, जिसके लिए 310 बच्चों के लिए व बड़ों के लिए 710 फीस जमा कराई जा रही है। इन असुविधाओं को देखते हुए स्वीमिंग पूल में प्रशिक्षण लेने से महिलाएं बच रही है। चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम के प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र कुमार बताते हैं कि स्टेडियम में तरणताल एक अप्रैल से शुरू हो गया है। अभी तक 50 के करीब पंजीकरण है। प्रशिक्षण देने के लिए एक पुरूष कोच है। लाइवगार्ड व महिला कोच यहां तैनात नहीं है। इसके लिए डिमांग की जा रही है।













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