
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र में उधार के पैसे मांगने पर एक युवक की निर्मम हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नम्बर 3) के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस हत्याकांड को ‘विरलतम से विरल’ (Rare of the Rarest) मानते हुए एक मां और उसके तीन बेटों को फांसी की सजा सुनाई है।


क्या था पूरा मामला?
सरकारी वकीलों (DGC) राजीव शर्मा व (ADGC) कुलदीप कुमार ने बताया कि सिसौली निवासी राजबाला देवी ने 17 सितंबर 2019 को भौराकलां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, उनके बेटे शेखर ने गांव खेड़ी सूड़ियान निवासी रामकुमार उर्फ रामू को 70 हजार रुपये उधार दिए थे। घटना के दिन, शेखर अपने पैसे वापस लेने के लिए आरोपी के घर गया था। आरोप है कि वहां रामकुमार की पत्नी मुकेश उर्फ बिट्टो और उनके बेटों- प्रदीप, संदीप व सोनू ने एक राय होकर शेखर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद ईंटों से वार कर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में मुख्य आरोपी रामकुमार की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी और सजा: न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश दिया कि चारों दोषियों (मुकेश उर्फ बिट्टो, प्रदीप, संदीप और सोनू) को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उनकी सांसें न थम जाएं। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़ित परिवार (वादिया) को देने का आदेश दिया गया है।











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