
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के युवा नेता एवं सांसद राघव चड्ढा से शनिवार को आशिवी “शहीद से एक पत्नी की शिकायत” उपन्यास की लेखिका शिवि आशीष स्वामी ने मुलाकात हुई। इस दौरान लेखिका ने अपने उपन्यास के माध्यम से देश के उन सैनिकों की वीरांगनाओं के संघर्ष, उनके आत्मसम्मान और विशेष रूप से उनके रोज़गार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उनके सामने रखा। जिन सैनिकों को नॉन बैटल कैजुअल्टी की श्रेणी में रखा गया और उनको शहीद का दर्जा नहीं मिला। हम सभी जानते हैं कि सैनिक मृत्यु की दो श्रेणी होती है।


मुलाकात के दौरान इस विषय पर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा हुई। लेखिका ने बताया कि शहीद परिवारों की वीरांगनाएं आज भी सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए संघर्ष कर रही हैं, जिस पर ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
इस पर राघव चड्ढा ने गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं और इसे जल्द ही उचित मंच पर प्रभावी तरीके से उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युवाओं की आवाज़ को सशक्त रूप से संसद में उठाना उनकी प्राथमिकता है।
लेखिका शिवी ने बताया कि राघव चड्ढा न केवल एक सक्षम और काबिल नेता हैं, बल्कि वे जनसमुदाय से जुड़े मुद्दों को पूरे हौसले और प्रतिबद्धता के साथ सदन में उठाने के लिए जाने जाते हैं। इस मुलाकात ने वीरांगनाओं के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जगाई है।












Total views : 256462