
लोकपथ लाइव, नोएडा (उत्तर प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जेवर में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का भव्य लोकार्पण कर इसे देश की आर्थिक प्रगति का नया केंद्र घोषित किया। समारोह के दौरान पीएम ने न केवल आधुनिक वर्कशाप की आधारशिला रखी, बल्कि विकास की राह में रोड़ा अटकाने वाली पिछली सरकारों पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो परियोजना दशकों तक सरकारी फाइलों में धूल फांक रही थी, उसे ‘डबल इंजन’ सरकार की इच्छाशक्ति ने धरातल पर उतार कर दिखाया है।


इतिहास की बाधाएं और ‘डबल इंजन’ का प्रहार: प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इस एयरपोर्ट को मंजूरी दी थी, लेकिन 2004 से 2014 के बीच केंद्र की कांग्रेस और बाद में प्रदेश की सपा सरकार ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पीएम ने कहा, “2014 में मेरे सत्ता में आने के बाद भी तत्कालीन यूपी सरकार ने सहयोग नहीं किया, लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनते ही काम में जो गति आई, उसका परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है।”

अंधविश्वास का अंत और नोएडा का उत्थान: राजनीतिक गलियारों में प्रचलित ‘नोएडा के डर’ पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि पहले के नेता अपशकुन के डर से यहाँ आने से कतराते थे, लेकिन उन्होंने और मुख्यमंत्री योगी ने इस अंधविश्वास को तोड़ दिया है। आज नोएडा उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि समूचे भारत के विकास का ‘पावरहाउस’ बनकर उभरा है।
वैश्विक संकट और राष्ट्रीय एकजुटता: पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे कोरोना काल जैसी ही एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि ऐसे नाजुक समय में राजनीतिक स्वार्थों को त्यागकर देशहित में सरकार का साथ दें। उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय संकट के समय असहयोग देश के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।
किसानों और युवाओं का स्वर्णिम भविष्य: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की सराहना करते हुए पीएम ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन ने देश की 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जेवर एयरपोर्ट और सेमी-कंडक्टर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेंगे।
एयरपोर्ट की खास बातें: एक नजर में
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क्षमता: वर्तमान में 12 मिलियन यात्री (भविष्य में 70 मिलियन तक विस्तार संभव)।
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रनवे: 3900 मीटर लंबा, जिसमें विशालकाय विमान भी उतर सकेंगे।
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कनेक्टिविटी: मेट्रो, नमो भारत और एक्सप्रेसवे से लैस इंटीग्रेटेड हब।
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लागत: पहले चरण में लगभग 11,200 करोड़ रुपये का निवेश।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी जी की ‘बड़ी सोच’ ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। हालांकि, कार्यक्रम के बाद इस बात की चर्चा भी रही कि मंच पर मौजूद दोनों उप-मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को संबोधन का अवसर नहीं मिल सका, जो सियासी हलकों में कौतूहल का विषय बना रहा।










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