
केपी ओली को करारी शिकस्त देकर शुरू हुई ‘जेन जी’ की नई सुबह
लोकपथ लाइव, काठमांडू। हिमालयी राष्ट्र नेपाल की राजनीति में आज एक ऐसा ऐतिहासिक सूर्यास्त हुआ जिसने दशकों पुराने दिग्गजों के दौर को समाप्त कर ‘जेन जी’ के नेतृत्व वाली एक नई और ऊर्जावान सुबह का आगाज किया है। काठमांडू महानगरपालिका के पूर्व लोकप्रिय मेयर और ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (आरएसपी) के फायरब्रांड नेता बालेंद्र शाह ने आज नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन ‘शीतल निवास’ में आयोजित इस समारोह ने अपनी सांस्कृतिक भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। पीएम मोदी ने बालेंद्र शाह को बधाई दी है।


राष्ट्रपति कार्यालय में शुक्रवार दोपहर 12:34 बजे के शुभ मुहूर्त पर शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। खगोलीय गणनाओं के अनुसार तय किए गए इस समय पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने बालेंद्र शाह को पद की शपथ दिलाई। यह समारोह पारंपरिक हिंदू गौरव का प्रतीक बना। जैसे ही शाह ने शपथ के शब्द दोहराना शुरू किए, सात शंखनादकों ने सामूहिक शंख ध्वनि से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। नेपाल के संसदीय इतिहास में यह पहली बार था जब किसी शीर्ष संवैधानिक पद के शपथ ग्रहण में पारंपरिक मांगलिक प्रतीकों और वैदिक परंपराओं का इस स्तर पर समावेश देखा गया। राष्ट्रपति कार्यालय ने स्पष्ट किया कि शाह की नियुक्ति संविधान के आर्टिकल 76(1) के तहत की गई है।

युवा कंधों पर देश की जिम्मेदारी: ‘बालेन’ कैबिनेट
आरएसपी के नेतृत्व वाली इस नई सरकार में ऊर्जा और तकनीकी विशेषज्ञता (Technocracy) का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बालेन शाह ने अपनी 14 सदस्यीय कैबिनेट में ‘जेन जी’ आंदोलन के चेहरों को प्रमुखता दी है। इनमें गृह मंत्रालय: सुदन गुरूंग, वित्त मंत्रालय: स्वर्णिम वाग्ले, विदेश मंत्रालय: शिशिर खनाल, कानून मंत्रालय: सोविता गौतम, परिवहन तथा शहरी विकास मंत्रालय: सुनील लम्साल, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय: निशा मेहता, संचार मंत्रालय: विक्रम तिमिल्सिना, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय: दीपक साह, कृषि एवं पशुपंक्षी विकास तथा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय: गीता चौधरी, पर्यटन मंत्रालय: खड्कराज पौडेल, ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय: विराजभक्त श्रेष्ठ, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा युवा एवं खेलकूद मंत्रालय: सस्मित पोखरेल, महिला एवं, बाल विकास मंत्रालय: सीता वादी और सामान्य प्रशासन मंत्रालय: प्रतिभा रावल को सौपा गया है।
बालेंद्र शाह की इंजीनियर से ‘प्रधान’ तक बनी पहचान
बालेंद्र शाह 27 अप्रैल 1990 को जन्मे, जिनकी पहचान केवल एक राजनेता की नहीं, बल्कि एक कुशल स्ट्रक्चरल इंजीनियर की भी है। भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल करने वाले शाह ने काठमांडू के मेयर रहते हुए ड्रेनेज सिस्टम और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव किए थे। विश्लेषकों का मानना है कि उनकी यही ‘प्रैक्टिकल अप्रोच’ अब पूरे नेपाल के सुशासन में नई जान फूँकेगी।
चुनावी रण में ‘दिग्गज’ को किया धराशायी
बालेंद्र शाह की यह जीत केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि एक सुनामी की तरह रही। उन्होंने पूर्वी नेपाल के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल के कद्दावर नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 49,614 मतों के ऐतिहासिक अंतर से पराजित किया। बालेंद्र शाह को 68,348 वोट मिले थे। जबकि केपी शर्मा ओली को 18,734 वोट से संतांष करना पड़ा। यह 1991 के बाद से नेपाल के चुनावी इतिहास में किसी भी उम्मीदवार द्वारा हासिल की गई सबसे बड़ी जीत है। शाह ने 2022 में राजनीति में कदम रखा, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर का चुनाव लड़ा और एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे।
पीएम ने दी बधाई
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक संदेश में कहा कि ‘नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर श्री बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में जताए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं हमारे दोनों देशों की जनता के आपसी फायदे के लिए भारत-नेपाल की दोस्ती और सहयोग को और भी ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु आपके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं।










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