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दिल्ली विधानसभा: ‘खीर’ की मिठास के साथ बजट सत्र शुरू, आप ने किया सत्र का बहिष्कार

इस साल का बजट एक लाख करोड़ से अधिक का पेश होने की संभावना
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सियासत में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। ख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को ‘खीर सेरेमनी’ की परंपरा के साथ बजट सत्र 2026-27 का शानदार आगाज किया। एक ओर जहाँ सदन के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल के लिए अभिनंदन प्रस्ताव पास किया गया, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने अपने विधायकों के निलंबन के विरोध में पूरे सत्र का बहिष्कार कर माहौल गरमा दिया।

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दिल्ली विधानसभा में बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में कैबिनेट मंत्रियों परवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद और कपिल मिश्रा के साथ ‘खीर सेरेमनी’ आयोजित की। इस दौरान स्कूली छात्राओं को खीर खिलाई गई। पीएम मोदी के लिए ‘अभिनंदन प्रस्ताव’ पारित सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक समय (8931 दिन) तक सरकार चलाने के वैश्विक रिकॉर्ड पर चर्चा हुई। भाजपा विधायक आशीष सूद ने अभिनंदन प्रस्ताव पेश किया, जिसे अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ध्वनिमत से पारित कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी सरकार का दूसरा बजट है, जो दिल्ली के लोगों के जीवनस्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और विकास की गति को दोगुना करेगा। रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी ने ईमानदारी और विदेश नीति की नई परिभाषा लिखी है, जिससे भारत का मान दुनिया भर में बढ़ा है।विपक्ष का बहिष्कार: मार्शल आउट और निलंबन पर रारसदन के भीतर जहाँ सत्ता पक्ष जश्न मना रहा था, वहीं विपक्षी दल ‘आम आदमी पार्टी’ के खेमे में सन्नाटा रहा।

आप ने किया सत्र का बहिष्कार
गत 5 जनवरी को शीतकालीन सत्र के दौरान उपराज्यपाल के अभिभाषण में बाधा डालने के आरोप में निलंबित किए गए चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह की वापसी न होने पर आप ने सत्र का बायकॉट किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है? जहाँ विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। जब हमें बोलने ही नहीं दिया जा रहा, तो सत्र बुलाने का औचित्य क्या है?

बजट 2026-27: क्या हैं सरकार की प्राथमिकताएं?
सूत्रों के मुताबिक, इस बार का बजट पिछले साल 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, जो उससे पहले के 76 हजार करोड़ रुपये से 31.5 फीसदी ज्यादा था। इस बार का बजट इससे भी बड़ा हो सकता है। कुल मिलाकर, बजट से पहले सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं जो आम जनता की उम्मीदों को बढ़ा रहे हैं, अब नजर इस बात पर रहेगी कि घोषणाएं जमीन पर कितनी उतरती हैं। एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। मसलन दिल्ली की जनता की नजरें अब वित्त मंत्री की पोटली पर टिकी हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपनी घोषणाओं को धरातल पर कैसे उतारती है।

सरकार के मुख्य फोकस क्षेत्र
महिला स्वास्थ्य: स्वास्थ्य ढांचे और नई सुविधाओं के लिए बड़ा आवंटन संभव।
प्रदूषण नियंत्रण: ई-परिवहन और ग्रीन दिल्ली के लिए विशेष योजनाएं।
आधुनिक परिवहन: सार्वजनिक परिवहन को स्मार्ट और सुलभ बनाने पर जोर।

 

 

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