
मुजफ्फरनगर (बुढ़ाना): बुढ़ाना थाना क्षेत्र के गांव बसी वेल्ली में शनिवार को नवरात्र का व्रत खोल रहे एक ही परिवार के 7 सदस्य कुट्टू के आटे का शिकार हो गए। मिलावटी या पुराना आटा खाने से परिवार के सभी सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना का विवरण: व्रत के भोजन के बाद बिगड़ी हालत
बसी वेल्ली निवासी मांगेराम के परिवार ने शनिवार शाम कुट्टू के आटे से बने पकवानों के साथ अपना व्रत खोला था। भोजन करने के कुछ ही मिनटों बाद परिवार के सदस्यों को तेज चक्कर आने, जी मिचलाने और शरीर में कंपन की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते परिवार के 7 लोग अचेत होने लगे, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तबीयत खराब होने वालों में रामकिशन, मीनू, वंश, कशिश, नैतिक, संजना और आकांक्षा शामिल है। सभी को तुरंत बुढ़ाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया गया।
विशेषज्ञों की राय: चिकित्सकों के अनुसार, कुट्टू के आटे में नमी के कारण फफूंद लग जाती है, जिससे वह ‘न्यूरोटॉक्सिक’ हो जाता है। यह सीधा तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है, जिससे तत्काल चक्कर आना और बेहोशी जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त-2 अर्चना धीरान का कहना है कि खाद्य विभाग की टीम अब क्षेत्र में आटे के नमूनों की जांच करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि कुट्टू अधिक गर्म होता है। इसको बहुत संभलकर खाने की जरूरत होती है। उनका कहना है कि व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खरीदते समय हमेशा उसकी ताजगी और पैकिंग तिथि की जांच करें। यदि आटा कड़वा लगे या उसमें दुर्गंध हो, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।
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