Select Language :

Home » बिज़नेस » मुजफ्फरनगर से 1339 टन पोटाश लेकर अनंतनाग पहुंची मालगाड़ी

मुजफ्फरनगर से 1339 टन पोटाश लेकर अनंतनाग पहुंची मालगाड़ी

मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से 21 बीसीएन वैगनों हुआ लदान  
कश्मीर में पहली बार रेल मार्ग से पहुंचा उर्वरक, कश्मीर में कृषि आपूर्ति को मिलेगी मजबूती
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर:
केंद्र सरकार की किसानों के उत्पादन बढ़ाकर उनकी आय बढ़ाने की नीति के तहत देश के अलग अलग क्षेत्रों में कम लागत पर उर्वरक की ढुलाई में भारतीय रेलवे अहम योगदान दे रहा है। जम्मू कश्मीर में बुधवार को मुजफ्फरनगर(उत्तर प्रदेश) से 1339 टन पोटाश की ढुलाई करके 21 बीसीएन वैगन वाली मालगाड़ी जम्मू कश्मीर में अनंतनाग रेल टर्मिनल तक पहुंची।

How to Make a News Portal

उत्तर रेलवे के अनुसार उत्तर रेलवे का जम्मू मंडल माल ढुलाई के क्षेत्र में निरंतर उपलब्धि हासिल करता जा रहा हैं। दिन प्रतिदिन विभिन्न की वस्तुएं और माल का आगमन जम्मू मंडल में इनवर्ड रैक के माध्यम से हो रहा हैं। कश्मीर घाटी में कृषि रसद और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया गया है। यह पहला मौका है जब जम्मू कश्मीर के किसानों के लिए 1339 टन पीडीएम (मोलासेस से प्राप्त पोटाश) लेकर 21 बीसीएन वैगन कश्मीर घाटी(अनंतनाग) पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से उर्वरक के यह रैक में इंडियन पोटाश लिमिटेड ने लदान कराया। जो कश्मीर घाटी में पहली बार रेल मार्ग से लाया गया है। रेलवे की मुहिम के तहत पहली बार रेल मार्ग से उर्वरक की खेप अनंतनाग पहुंचने का कार्य जम्मू डिवीजन के निरंतर विपणन प्रयासों के कारण संभव हुआ है। इससे विशेष रूप से घाटी में उर्वरक की लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखला में बड़ा बदलाव आएगा। डिवीजन अन्य प्रमुख उर्वरक कंपनियों के साथ भी संपर्क में है ताकि रैक को सीधे अनंतनाग रेल टर्मिनल तक लाया जा सके।

कश्मीर के लिए बड़ी उपलब्धि
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि यह मंडल की लगातार विपणन की कोशिशों से संभव हुआ है, जिससे खाद की लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन से घाटी में बदलाव आएगा और इस दौरान जम्मू मंडल दूसरी बड़ी खाद कंपनियों के भी संपर्क में है ताकि मालगाड़ी रैक सीधे अनंतनाग रेल टर्मिनल तक लाए जा सकें। आगे उन्होंने बताया, कि ऐसी उपलब्धि कश्मीर के लिए कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण क्षण है, इस तरह की पहल बुनियादी ढांचे में सुधार और देश के बाकी हिस्सों के साथ घाटी के एकीकरण को मजबूत करने के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

वोट करें

Are You Satisfied Lokpath Live

Our Visitor

0 7 6 8 2 5
Total views : 240159

Follow us on