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पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक शुरू: ‘विकसित भारत-2047’ पर महामंथन

नई दिल्ली में जुटे राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक, ‘समावेशी मानव विकास ढांचे’ और रोजगार पर विशेष फोकस
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: देश के समग्र विकास और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के वृहद् लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आज एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 11वीं बैठक शुरू हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस विशेष बैठक की कार्यवाही में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं।

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बैठक की शुरुआत होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर देश के साथ इस महत्वपूर्ण आयोजन की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री ने लिखा कि वह नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि सहकारी संघवाद की अटूट भावना से प्रेरित होकर केंद्र और सभी राज्य मिलकर भारत की विकास यात्रा को एक नई गति और नई ऊंचाई देने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्यों के ये सामूहिक और साझा प्रयास ही ‘विकसित भारत’ के हमारे महा-संकल्प को साकार करने में सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

रोजगार, कौशल विकास और मुख्य सचिवों की सिफारिशों पर मंथन
बैठक के दौरान देश में बड़े पैमाने पर स्थायी रोजगार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं के भीतर उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना को मजबूत करने की व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही, नीति आयोग की शासी परिषद 26 से 28 दिसंबर 2025 के दौरान आयोजित किए गए मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की महत्वपूर्ण सिफारिशों और निष्कर्षों पर भी गंभीरता से मंथन करेगी। गौरतलब है कि नीति आयोग की यह सर्वोच्च शासी परिषद आमतौर पर हर वर्ष अपनी बैठक आयोजित करती है। इसकी पिछली बैठक पिछले वर्ष 24 मई 2025 को आयोजित की गई थी। हालांकि, इस वर्ष (2026) आयोजित हो रही इस 11वीं बैठक को ‘विकसित भारत-2047’ के तय रोडमैप के लिहाज से अब तक का सबसे विशेष और नीतिगत रूप से बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

इन स्तंभों पर टिका है ‘समावेशी मानव विकास ढांचा’
आधिकारिक तौर पर जारी किए गए बयान के अनुसार, इस बार की शासी परिषद की बैठक का मुख्य एजेंडा ‘समावेशी मानव विकास ढांचा’ तैयार करना है। इसके तहत देश के मानव संसाधन को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के लिए चार प्रमुख स्तंभों पर व्यापक और गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बुनियादी मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास: देश के युवाओं को कल की तकनीकों और वैश्विक बाजार के अनुरूप हुनरमंद बनाना।
उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास: देश के कोने-कोने में नए उद्योगों और स्टार्टअप्स की नींव रखना ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिल सके।
स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र कल्याण: देश के हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और पोषण पहुंचाना। समानता और गरिमा: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए समानता और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना।

झारखंड के लिए बड़ी उम्मीद
सीएम हेमंत सोरेन उठा सकते हैं मेट्रो की मांगनीति आयोग की इस शासी परिषद की बैठक को लेकर झारखंड में भी भारी उम्मीदें और रणनीतिक तैयारियां देखी जा रही हैं। शासन से जुड़े सूत्रों का मानना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सीधे तौर पर राज्य में महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की पुरजोर मांग रख सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राजधानी रांची समेत झारखंड के अन्य प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों में लंबे समय से एक आधुनिक मेट्रो रेल सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ऐसे में नीति आयोग के इस मंच का उपयोग मुख्यमंत्री राज्य के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) से जुड़े कई अन्य लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के लिए भी कर सकते हैं।

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