
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की बेटी सृष्टि सिंह ने भारतीय नौसेना में अधिकारी बनकर जिले का नाम रोशन किया है। सृष्टि देश की उन 17 बेटियों में शामिल हैं, जिनका चयन पहली बार महिलाओं के लिए आयोजित यूपीएससी नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) प्रवेश प्रक्रिया में हुआ था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने सब लेफ्टिनेंट के पद से अपने सैन्य करियर की शुरुआत की है।
मुजफ्फरनगर के द्वारिकापुरी निवासी रणवीर सिंह एवं प्रियंका सिंह की पुत्री सृष्टि सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई होली एंजेल कॉन्वेंट स्कूल मुजफ्फरनगर से पूरी की। उनके पिता रणवीर सिंह मुजफ्फरनगर स्थित टाटा मोटर्स में जनरल मैनेजर हैं, जबकि माता एलआईसी में कार्यरत हैं। उनके बड़े भाई रेलवे डाक विभाग में कार्यरत हैं। बचपन से ही सृष्टि अनुशासित और मेहनती रही हैं तथा उनमें देश सेवा का जज्बा रहा है।
सृष्टि सिंह ने वर्ष 2022 में उस ऐतिहासिक बैच में स्थान प्राप्त किया था, जब पहली बार महिलाओं को एनडीए में प्रवेश का अवसर मिला। पूरे भारत से केवल 17 लड़कियों का चयन हुआ था, जिनमें मुजफ्फरनगर की सृष्टि सिंह भी शामिल थीं। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जनपद और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बनी थी। चार वर्षों के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन, समर्पण और अथक मेहनत के बाद आज सृष्टि सिंह भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त हुई हैं। भारतीय नौसेना में प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद अधिकारियों की पहली नियुक्ति सब लेफ्टिनेंट के पद पर होती है और सृष्टि सिंह ने भी इसी पद से अपने गौरवपूर्ण सैन्य करियर की शुरुआत की है।


पुणे में लिया गया प्रशिक्षण
सृष्टि सिंह ने तीन वर्षों तक पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने एक वर्ष तक केरल के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी में नौसेना संबंधी विशेष प्रशिक्षण पूरा किया। एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी देश की सबसे प्रतिष्ठित नौसेना प्रशिक्षण संस्थाओं में गिनी जाती है, जहां से भारतीय नौसेना के अधिकारी तैयार होकर देश सेवा के लिए निकलते हैं।

अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनी सृष्टि सिंह
मुजफ्फरनगर की बेटी द्वारा प्राप्त यह सफलता आज जिले की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर बेटियां भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं। सृष्टि सिंह की इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और जनपदवासियों में खुशी का माहौल है।












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