
पीएम मोदी ने मनोनीत चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को दी शुभकामनाएं
LP Live, New Delhi: राज्यसभा में मनोनीत सदस्यों के रिक्त पदों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए के चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिन चार हस्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया, उनमें वरिष्ठ अधिवक्ता उज्जवल निकम, केरल के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सी.सदानंदन मास्टर, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार मीनाक्षी जैन शामिल हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य राज्यसभा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रख्यात व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, जैसा कि संविधान में प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 80(1)(a) और खंड (3) के तहत इन शख्सियतों को मनोनीत किया है। पहले के मनोनीत सदस्यों के रिटायर होने से ये पद खाली हुए थे। राष्ट्रपति को संविधान के अनुसार राज्यसभा में सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार है। संविधान का अनुच्छेद 80(1)(a) और खंड (3) राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है। संविधान का यह भाग राष्ट्रपति को राज्यसभा में सदस्यों को चुनने की अनुमति देता है। राज्यसभा संसद का ऊपरी सदन है। इन सदस्यों के आने से राज्यसभा में अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोग शामिल होंगे। इससे सदन की कार्यवाही और बेहतर होगी।

पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
राज्यसभा में सदस्य के रुप में मनोनीत किये गये चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कई पोस्टों में प्रत्येक मनोनीत व्यक्ति के योगदान का उल्लेलख किया। प्रधानमंत्री ने उज्ज्वल निकम की कानूनी पेशे के प्रति उनके अनुकरणीय समर्पण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि निकम एक सफल वकील रहे हैं। उन्होंने महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आम नागरिकों की गरिमा को बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य किया। प्रधानमंत्री ने सी. सदानंदन मास्टर के जीवन को साहस और अन्याय के प्रतिरोध का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनके योगदान की भी प्रशंसा की और युवा सशक्तिकरण के प्रति उनके जुनून का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने हर्षवर्धन श्रृंगला के नामांकन पर कहा कि उन्होंने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने भारत की विदेश नीति में श्रृंगला के योगदान और भारत की जी20 अध्यक्षता में उनकी भूमिका की सराहना की। वहीं प्रधानमंत्री ने डॉ. मीनाक्षी जैन के मनोयन पर कहा कि उन्होंने एक विदुषी, शोधकर्ता और इतिहासकार के रूप में उनके विशिष्ट कार्य की सराहना की और शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान में उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने राज्यसभा में उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं
