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यूपी बजट में योगी सरकार ने खोला पिटारा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष फोकस

10 लाख युवाओं को रोजगार का लक्ष्य, लड़कियों की शादी के लिए एक लाख रुपये देगी सरकार
नोएडा एयरपोर्ट पर बनेंगे पांच रनवे, कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर बल
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को योगी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट में निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है, जिसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष फोकस किया गया है।

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उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट एवं उसमें सम्मिलित योजनाओं का विवरण पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए पेश किया गया 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में करीब 12.9 प्रतिशत अधिक है, जिसमें 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय शामिल है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी। बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। यही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में राज्य सरकार इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके। सरकार ने पूंजीगत व्यय, वित्तीय अनुशासन, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। शिक्षा के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत और चिकित्सा के लिए 6 प्रतिशत आवंटित किया गया है, जबकि कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत प्रावधान किया गया है।

महिलाओं सशक्तिकरण पर फोकस
यूपी के बजट भाषण में महिला सशक्तिकरण और किसानों के हित में बड़े आंकड़े पेश किए। कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव से पहले सरकार का फोकस किसानों और महिलाओं पर अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 39,880 बीसी सखी ने 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया। महिला सामर्थ्य योजना के तहत तीन जिलों में मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां शुरू हुईं। सुमंगला योजना से 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुईं। पीपीपी मोड में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे। इस व्यवस्था से कार्यबल में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए अलग केंद्रों की स्थापना की जाएगी। महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है। महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोडयूसर कम्पनियों का गठन होना था जिसके सापेक्ष जनपद गोरखपुर, बरेली एवं रायबरेली में कम्पनियों का गठन करने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। जनपद प्रयागराज एवं लखनऊ में कम्पनियों का गठन प्रस्तावित है। मिशन शक्ति के अन्तर्गत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिलती है।

कृषि व किसानों पर रहा विशेष फोकस
सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रूपये से अधिक के रिकार्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है। यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2,13,519 करोड़ रूपये से भी 90,802 करोड़ रूपये अधिक है। पेराई सत्र 2025-2026 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में 30 रूपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गयी है। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा। रबी विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं का क्र्रय करते हुए 2,512 करोड रूपये का भुगतान किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 42.96 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय करते हुए 9,710 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 54,253 कृषकों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा क्रय करते हुए कृषकों को 595 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया।

दस लाख युवाओं को रोजगार
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी में 10 लाख युवाओं को रोजगार दिए जाएंगे। लड़कियों की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये देगी। शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है। रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है। वहीं एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26 अगस्त 2021 से दिनांक 31 मार्च 2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया।

कानून व्यवस्था मजबूत होगी
वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपए और आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपए का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नवसृजित जनपदों में भवन निर्माण के लिए 346 करोड़ रुपए, अग्निशमन केंद्रों के लिए 200 करोड़ रुपए और बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 190 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिला बीट कर्मियों के लिए वाहनों की खरीद को 25 करोड़ रुपए दिए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं। 16 अविकसित जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। एमबीबीएस सीटें 2017 की 4,540 से बढ़ाकर 12,800 और पीजी सीटें 1,221 से बढ़ाकर 4,995 की गई हैं। 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपए और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ रुपए और आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 49.22 लाख परिवार लाभान्वित हैं। सरकार ने दावा किया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है और संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल के माध्यम से नियमित रिपोर्टिंग की जा रही है।

50 करोड़ से चार्जिंग प्वाइंट बनेंगे 
ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बस अड्डों पर 50 करोड़ से चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। न्याय विभाग की योजनाओं के लिए 9845 करोड़ प्रस्तावित हैं। इसमें न्यायालय निर्माण से लेकर अन्य बिंदु शामिल हैं। सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सी.सी.टी.वी. नेटवर्क और एण्टी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। सेफ सिटी की अवधारणा को मूर्तरूप देने व कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व नये शहरों में एक उचित निवास स्थान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।

युवाओं प्रशिक्षित किया जाएगा
ऐसे व्यक्ति जिनके पास किसी भी व्यवसाय में हस्तकौशल या निपुणता प्राप्त है, कभी भी बेरोजगार नहीं रह सकते। इसलिए युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन को प्राथमिकता के आधार पर मिशन मोड में संचालित किया जाना आवश्यक है। एक तरफ जहां अर्थव्यवस्था में पूंजी निवेश और अवस्थापना विकास का महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं प्रदेश की युवा जनशक्ति को रोजगार के अवसर प्रदान करने, उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना
प्रदेश में डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना पर कार्य किया जाएगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण के रूप में जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेसिंग आदि कार्यवाहियों को और अधिक सहज एवं सुगम बनाया जाएगा।

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